एक प्रकार को यूडेमोनिक वेल-बीइंग (एक बेहतर जीवन) कहा जाता है, जिसे आप अपने जीवन में अर्थ और उद्देश्य के रूप में सोच सकते हैं। दूसरे को हेडोनिक वेल-बीइंग कहा जाता है, जिसका अर्थ है खुशी महसूस करना व दर्द से बचना। शोधकर्ताओं का कहना है कि दोनों ही उपाय सुखमय जीवन के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मैंने मैगजीन की संपादक और अपनी सहकर्मी लॉरा बेनेट, जिन्होंने यह प्रश्नोत्तरी तैयार की थी, से इस विषय में बात की। उन्होंने बताया कि सुखमय स्वास्थ्य के लिए एक स्वादिष्ट व्यंजन खाने, किसी मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट पर हंसने, या बर्फीले तूफान के दौरान अलाव सेंकने के बारे में सोचें, जबकि अर्थ और उद्देश्य की गहन भावना को संदर्भित करने वाला यूडेमोनिक कल्याण चुनौतीपूर्ण कार्य में निपुणता की भावना, समुदाय में सेवा करने व प्रियजन के साथ रिश्ते बनाने से आ सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि दोनों जरूरी हैं।
हालांकि, सबके लिए खुशी के एक जैसे दिशा-निर्देश नहीं हंै। क्या होता है, जब आपके जीवन में बहुत सारी सामान्य खुशियां हों, लेकिन उतनी सार्थक खुशी नहीं है? यूडेमोनिक खुशी मजबूत रिश्तों से जुड़ी है। सबसे पहले, ऐसे लोगों की तलाश करें, जो आपको ज्यादा पूर्ण महसूस कराते हैं, और उनके साथ समय बिताने को प्राथमिकता दें।
प्रिय मित्र को समय-समय पर मैसेज भेजें, जिससे कुछ समय से आपने बात नहीं की है। नए कौशल या शौक विकसित करना यूडेमोनिक कल्याण का एक बड़ा स्रोत हो सकता है, चाहे आप खेल रहे हों, चित्रकारी कर रहे हों या कोई नई भाषा सीख रहे हों। अगर किसी के पास सुविधाओं की कमी है, तो वह क्या करे? इसके जवाब में वह कहती हैं, ऐसी छोटी-छोटी चीजें करें, जो आपको उस पल में खुशी व उत्साह प्रदान करें, भले ही वे आपके लिए कुछ भी मायने रखती हों। जब मैं सुख की खुराक की तलाश में होती हूं, तो अपने परिवार के लिए छोटे-छोटे रोमांच की योजना बनाती हूं, जैसे कि समुद्र तट पर पिकनिक मनाना। इससे पता चलता है कि खुशी को परिभाषित करना कठिन है, लेकिन इसे पाने के अनेक तरीके हैं।