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निवेश: अप्रत्याशित दुनिया में सोना, सुख-समृद्धि और मजबूत भविष्य का चमकता आश्वासन

नारायण कृष्णमूर्ति
Updated Sat, 18 Oct 2025 07:34 AM IST

सार

सोने में निवेश केवल धन संरक्षण के लिए नहीं है; यह एक अप्रत्याशित दुनिया में अधिक सुरक्षित भविष्य के लिए खुद को तैयार करना है। आपके पोर्टफोलियो में सोने की भूमिका किसी भी तरह से कम नहीं होने वाली है, यह केवल बढ़ेगी।
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सोना। - फोटो : ANI


दिवाली, अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों और शादियों का लोगों के पास मौजूद सोने से गहरा नाता है। विश्व स्वर्ण परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया भर में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। इसलिए जब इस पीली धातु की कीमत तेजी से बढ़ती है, जैसा कि हाल के वर्षों में हुआ है, और दुनिया भर के कई केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार बढ़ा रहे हैं, तो लोगों के लिए यह पूछना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें इन कीमतों पर इसे खरीदना चाहिए। अपने मौजूदा निवेश में सोना जोड़ने का निर्णय केवल सोने की कीमतों में वृद्धि के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि आपके पोर्टफोलियो में सोने के आवंटन का स्पष्ट आकलन करने और यह आपकी मौजूदा वित्तीय योजनाओं के साथ कैसे तालमेल बिठाता है, इस पर आधारित होना चाहिए।


अनादि काल से सोने का आर्थिक मूल्य स्पष्ट है। दुर्लभता और टिकाऊपन ऐसे कारक हैं, जो लोगों को निवेश या संपत्ति की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से अनिश्चित समय में, सोने की ओर आकर्षित करते हैं। एक निवेशक के दृष्टिकोण से देखें, तो सोने को व्यापक रूप से मुद्रास्फीति के विरुद्ध एक बचाव के रूप में देखा जाता है और शेयरों की गिरावट के दौर में, युद्धों और मंदी के दौरान भी इसे एक सुरक्षित दांव माना जाता है। दीर्घकाल में सोने ने न केवल अपना मूल्य बरकरार रखा है, बल्कि मुद्रास्फीति की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। फिर भी, सोने से भावनात्मक लगाव के कारण इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन यह जगह बना ही लेता है। यह भी संभव है कि कई परिवार अपने पास भौतिक रूप में मौजूद सोने को अपने निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा न बनाएं। आप सोने को भौतिक रूप में (जैसे सिक्के, बार और आभूषण) खरीद सकते हैं। ये खरीदारी उन लोगों से की जा सकती है, जिन्हें शुद्धता की गारंटी के साथ सिक्कों, बिस्कुट और बार के रूप में सोना बेचने की अनुमति है। भौतिक रूप में खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आपके पास प्रामाणिकता, शुद्धता और वजन की पुष्टि करने वाला जरूरी प्रमाणपत्र हो।


भौतिक रूप में सोना खरीदने पर आपको जीएसटी देना पड़ता है, यानी भौतिक रूप में सोना खरीदने पर इसकी लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा, जब आप घर में भौतिक रूप में सोना रखते हैं, तो चोरी या अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। भौतिक सोने को हमेशा बैंक लॉकर या सेफ डिपॉजिट बॉक्स में रखें। सोना खरीदने का दूसरा तरीका गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) या गोल्ड म्यूचुअल फंड, या सोने की खनन कंपनियों में निवेश करने वाले फंडों में निवेश करना है। ये सभी सोने में निवेश के कागजी रूप हैं। समय-समय पर, आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) जैसे वित्तीय साधनों तक भी पहुंच मिल सकती है, जिसे सरकार ने 2015 में भारत में सोने की मांग को पूरा करने एवं विदेशी मुद्रा भंडार के बहिर्वाह को कम करने के लिए पेश किया था। इस योजना का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन पिछले दशक में सोने की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण सरकार के लिए इसे जारी रखना वित्तीय बोझ बन गया। आजकल आप डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड भी खरीद सकते हैं। ये बिना किसी भौतिक बार या सिक्के के 24 कैरेट सोने में निवेश हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध, यह रुपये के विभिन्न गुणकों में सोना खरीदकर उसमें निवेश करने का एक आभासी तरीका है। प्लेटफॉर्म आपको इस रूप में एक रुपये जितनी कम राशि से भी सोना निवेश करने की सुविधा देते हैं। हालांकि, इस फॉर्म में सोना बेचने के लिए आवश्यक अनुमति लेनी होगी।


पिछले एक साल में बैंकों के स्वर्ण ऋण खाते में एक दिलचस्प रुझान देखने को मिला है, जहां वे सोने के बदले ऋण दे रहे हैं। दरअसल, स्वर्ण ऋण, क्रेडिट कार्ड पर दिए जाने वाले लोन से भी ज्यादा बड़ा है। जिन परिवारों के पास कुछ स्वर्ण भंडार है, वे अपने सोने के बदले ऋण ले रहे हैं, क्योंकि अतीत की तुलना में समान मात्रा के स्वर्ण के लिए उन्हें अधिक ऋण मिल रहा है। सोने के बढ़ते मूल्य के कारण, बैंक में रखी नकदी की तुलना में सोने में रखा पैसा ज्यादा मूल्यवान हो गया है। जब तक भारत में ब्याज दरें कम रहेंगी और अमेरिकी डॉलर रुपये से ज्यादा मजबूत रहेगा, तब तक इसकी चमक बरकरार रहने की संभावना है। दरअसल, सोने में निवेश पर होने वाले लाभ का एक बड़ा हिस्सा रुपये के अवमूल्यन के कारण है।


वर्ष 2015 में एक डॉलर का मूल्य लगभग 66 रुपये था, जो अब 86 रुपये के आसपास है। डॉलर की कीमत में इस बढ़ोतरी ने पिछले एक दशक में सोने में निवेश पर बढ़े हुए मुनाफे में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने निवेश पोर्टफोलियो में सोना शामिल करने से विविधीकरण में भी मदद मिलती है, जिससे आपके पोर्टफोलियो का बेहतर जोखिम प्रबंधन संभव होता है। जब फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोना आकर्षक हो जाता है। भविष्य में कम ब्याज दरों की उम्मीद के साथ, निकट भविष्य में सोने में तेजी जारी रहने की संभावना है। जब रुपया कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें बढ़ती हैं, और जब रुपया मजबूत होता है, तो सोने की कीमतें घटती हैं।


कई लोगों के लिए सोना रुपये के अवमूल्यन के विरुद्ध एक बचाव का साधन हो सकता है। आप मौजूदा कीमतों पर भी सोने में निवेश करके लाभ कमा सकते हैं। अगर आपने सोने में कोई निवेश नहीं किया है, तो आप पोर्टफोलियो में अस्थिरता कम करने के लिए थोड़ी मात्रा में सोना जोड़कर शुरुआत कर सकते हैं। सोने में निवेश केवल धन संरक्षण के लिए नहीं है; यह एक अप्रत्याशित दुनिया में अधिक सुरक्षित भविष्य के लिए खुद को तैयार करना है। आपके पोर्टफोलियो में सोने की भूमिका किसी भी तरह से कम नहीं होने वाली है; यह केवल बढ़ेगी, और आप देखेंगे कि यह समग्र रिटर्न में किस प्रकार स्थिरता और वृद्धि लाता है।

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