सत्रहवीं लोकसभा का सत्र आरंभ हो गया है। सोलहवीं लोकसभा से एकदम आमूल अंतर तो नहीं आया है, पर इस बार तस्वीर थोड़ी अलग होगी। हो सकता है कि इस बार लोकसभा का चित्र थोड़ा भिन्न हो। सोलहवीं लोकसभा के अंतिम दो वर्षों में राजनीति इतनी हावी हो गई थी कि अनेक महत्व के मसले बहस से वंचित रह गए।
सबसे पहले सत्रहवीं लोकसभा की अंतःरचना को समझते हैं। इस बार आधे से अधिक यानी 277 सांसद पहली बार संसद पहुंचे हैं। इसमें भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं। इस बार लोकसभा में सांसदों की औसत उम्र 54 साल है। इनमें 25 से 40 वर्ष की उम्र के करीब 12 प्रतिशत सांसद हैं। 40 से 55 साल के करीब 41 प्रतिशत सांसद हैं। 56 से 70 साल के 42 प्रतिशत सांसद लोकसभा पहुंचे हैं। 70 साल से अधिक उम्र के केवल छह प्रतिशत सांसद ही हैं। इस बार लोकसभा में महिला सांसदों की कुल संख्या 78 है। इसलिए हो सकता है महिला आरक्षण का मामला इस बार सबसे ज्यादा गरमाए।