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रीट परीक्षा: लाखों परीक्षार्थियों से यह कैसा मजाक!

Pooja Upadhyay
Updated Fri, 11 Feb 2022 07:01 AM IST

सार

दरअसल रीट पेपर लीक को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ विपक्ष और छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा था। एसओजी (विशेष अभियान समूह) की जांच में अब यह बात साफ हो चुकी है कि रीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना हुई थी।
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रीट लेवल -2 परीक्षा - फोटो : Social media


दरअसल रीट पेपर लीक को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ विपक्ष और छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा था। एसओजी (विशेष अभियान समूह) की जांच में अब यह बात साफ हो चुकी है कि रीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना हुई थी। अध्यापक पात्रता परीक्षा में पूरे राज्य में 13 लाख बच्चे सम्मिलित हुए थे, जिनका भविष्य सरकार ने दांव पर लगा दिया है। यह स्थिति राज्य में युवाओं और परीक्षार्थियों के साथ किस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, उसका एक पीड़ादायक उदाहरण है। यह कोई मजाक की बात नहीं है, मगर लगता है कि सरकार युवाओं के साथ अपने मनमाने कदमों के जरिये मजाक कर रही है। बच्चे रीट के लिए महीनों तैयारी करते हैं। उसके बाद उन्हें पेपर देने के लिए अपने गांव-कस्बों से आठ सौ किलोमीटर दूर तक दौड़ाया जाता है। मेरा खुद का परीक्षा केंद्र बांसवाड़ा से आगे बागीदौरा में था। जरा नक्शा देखिए अलवर के बहरोठ से बांसवाड़ा के बागीदौरा की दूरी, बैठे-बैठे सांस फूल जाएगी। लाखों परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फेरते हुए व्यापक धांधली की खबरें सामने आईं। परीक्षा ठीक से न करवा पाने के बाद राज्य सरकार और उनके कारिंदे

लीपापोती में व्यस्त रहे। 


सरकार की जिम्मेदारी थी कि रीट की परीक्षा में व्यापक रूप से धांधली और पर्चे लीक होने की खबर आने के तुरंत बाद उसे रद्द कर देती और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करती। लेकिन आरोपी बेखौफ रहे। खामियाजा लाखों परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। कल्पना कीजिए, प्राइमरी स्कूलों में अध्यापन के लिए यदि 12-13 लाख रुपये देकर शिक्षक नियुक्त होंगे, तो शिक्षा की कैसी दशा होगी और बच्चों का कैसा भविष्य बनेगा? बच्चे न जाने किस-किस तरह से संसाधन जुटाकर पढ़ाई करते हैं और अपने सपनों में रंग भरने का प्रयास करते हैं। उनका बहुत कुछ ऐसी परीक्षाओं के साथ दांव पर लगा होता है। जनता कुशल प्रशासन के लिए सत्ता सौंपती है, प्रहसन के लिए नहीं। सरकार कुछ तो संजीदगी दिखाए और विद्यार्थियों से माफी मांगे तथा जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करे।

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