फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

क्षमा: माफी नहीं मिलती, अर्जित करनी पड़ती है; अंतिम लक्ष्य 'अपने जीवन में शांति से रहना' है

क्रिस्टीना कैरॉन Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Sun, 07 Jul 2024 04:59 AM IST

सार

माफी नहीं मिलती, अर्जित करनी पड़ती है। किसी ने आपको आहत किया, तो उसे माफ करने का कोई आधार भी 'तो होना चाहिए। माफ करना एक प्रक्रिया है, न कि लक्ष्य।

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक - फोटो : ani


गलती, करने वाले को माफ करने से करुणा, उदारता और प्रेम जैसे गुण मजबूत होते हैं। लेकिन जिसने आघात सहा है, उसका क्या? स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी फॉरगिवनेस प्रोजेक्ट के निदेशक और शोधकर्ता फ्रेडरिक लुस्किन का मानना है कि अंतिम लक्ष्य 'अपने जीवन में शांति से रहना' है। शांति के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टूटू ने एक बार कहा था, माफी के बिना, सद्भाव के बिना हमारा कोई भविष्य नहीं है? तो क्या माफ करने का एक मात्र उद्देश्य यही है कि कड़वाहट से बचा जा सके? अपनी पुस्तक यू डॉन्ट नीड टू फॉरगिवः ट्रॉमा रिकवरी ओन योर ऑन टर्म्स में ग्रेगरी इसी विषय पर चर्चा करेंगी, जो अगले वर्ष प्रकाशित होगी। उनके अनुसार, क्षमा करना एक भावनात्मक प्रक्रिया है, न कि अंतिम लक्ष्य। ग्रेगरी कहती हैं कि यदि आप बेहतर महसूस करें, तो दिल दुखाने वाले को माफ कर दें या अच्छा नहीं लगे, तो माफ नहीं करें। डॉ. लस्किन कहते हैं कि माफी हासिल करनी पड़ती है, यह तत्काल नहीं मिलती। लोगों को शोक से उबरने में समय लगता है। ग्रेगरी ने अपने पिता को माफ नहीं किया है। हालांकि मां के बारे में उनका मानना है कि उनकी परवरिश ठीक से नहीं हुई। वह कहती हैं, कभी-कभी माफ करने से पहले भावनाओं की कई तरह से मरम्मत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next