देश भारी कीमत चुका रहा है। 30 अप्रैल तक रोजाना के संक्रमण के मामले बढ़कर 3,86795 के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गए, जबकि 29 अप्रैल को सक्रिय मामलों की संख्या 31,70,228 थी और मृत्यु दर 1.11 फीसदी थी। संक्रमण के वैश्विक आंकड़े में रोजाना चालीस फीसदी भारत से हैं।
हम अब भी आपदा को रोक सकते हैं। प्रधानमंत्री को पीछे हटकर स्वतंत्र विचार रखने वाले मंत्रियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, योजनाकारों और उन पर अमल करने वालों (सेवारत या सेवानिवृत्त नौकरशाह या आम नागरिकों) के सक्षम समूह (जिसमें नौ से कम सदस्य न हों) का गठन करना चाहिए, इसका नाम एम्पावर्ड क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सक्षम संकट प्रबंधन समूह) हो। इस समूह को पूरा समर्थन दिया जाए और उसे महामारी के फैलाव को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी जाए। प्रधानमंत्री सिर्फ नतीजों का आकलन करें। हार्वर्ड यह सबक सिखाता है और यह भी कि हार्ड वर्क करें।