वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। आंध्र के विभाजन के बाद वह दूसरे मुख्यमंत्री बने हैं। वह ऐसे समय में राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं, जब उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर चल रही है, लेकिन दक्षिण भारत मोटे तौर पर उस लहर से अछूता है। दक्षिण भारत में मात्र एक राज्य कर्नाटक है, जहां भाजपा ने जद (एस) और कांग्रेस के लिए मात्र एक-एक सीटें ही छोड़ीं।
हालांकि तेलंगाना में भाजपा चार लोकसभा सीटों पर कब्जा जमा कर भारी फायदे में रही, लेकिन वहां सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) लोकसभा की नौ सीटें जीतकर प्रमुख पार्टी बनी है। भाजपा के नेतृत्व में राजग को आंध्र प्रदेश और केरल में लोकसभा की एक भी सीट नहीं मिली, जबकि अन्नाद्रमुक से गठबंधन के कारण तमिलनाडु में एक सीट मिली। यह तथ्य है कि भाजपा दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में अपनी मौजूदगी नहीं जता पाई है।