जनादेश, जिद और अराजकता: लोकतंत्र की मूलभावना के विरुद्ध है ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इन्कार
अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 07 May 2026 07:10 AM IST
सार
यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि 2011 में वामपंथी शासन के खिलाफ परिवर्तन का नारा देकर सत्ता में आईं ममता अब लोकतंत्र की उसी प्रक्रिया को स्वीकारने को तैयार नहीं दिख रहीं, जिसने उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया। यह रवैया उनकी छवि को धूमिल करने के साथ बंगाल को भी अस्थिरता की ओर ले जा सकता है।
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