विकास एक सतत प्रक्रिया तथा साधन है जिसके लिए राजनीतिक तथा नीतिगत सोच का स्थायित्व जरूरी है। विकास के दूरगामी निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि राजनीतिक नेतृत्व में स्थिरता हो और विकास के प्रति दृष्टिकोण में भी समानता हो। यूपी में हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम दशकों में ऐतिहासिक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दोबारा बनी सरकार के प्रथम 100 दिन पूरे होने पर इस स्थायित्व और निरंतरता का महत्व प्रदेशवासियों को स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
प्रदेश की राजनीतिक पृष्ठभूमि में 37 वर्ष बाद किसी चुनाव में एक सरकार को दोबारा मौका मिलना इस बात का द्योतक है कि प्रदेश के लोगों ने दूरगामी और स्थायी विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता को चुना है। सरकार की दूसरी पारी के कार्यकाल के प्रथम 100 दिन की उपलब्धियां इस बात के संकेत हैं कि सुशासन, पक्का इरादा, भेदभाव रहित नीतियां, डबल इंजन (यानी प्रदेश और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार) की गति के आधार पर प्रदेश की कई पहल तथा योजनाएं, कार्यक्रम और परियोजनाएं तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। इसके लिए स्थिरता के अलावा योगी की सरकार ने जो दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई वह प्रदेश के सुशासन तथा विकास का नया मानचित्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कारक है।