मैं एक लेखक हूं और कला की दुनिया में मेरा विश्वास बहुत ज्यादा है, लेकिन तर्कहीन और भोला नहीं, क्योंकि कला हमें कीमतों और लागत से परे यात्रा कराती है। कला हमें दुखद परिस्थितियों में भी सौंदर्य को जानने और उसका आह्वान करने के लिए आमंत्रित करती है। कभी-कभी कागज पर जो मैं लिखती हूं, वह मुझे डराता है, इसलिए लिखने से मैं स्वतंत्र तो महसूस करती हूं, लेकिन सुरक्षित नहीं।
लेखन मुझे एहसास दिलाता है कि मैं स्वतंत्र हूं। यह ऐसी जगह है, जहां हम रहते हैं, जिस पर हमारा नियंत्रण होता है और जहां कोई भी मुझे नहीं कह सकता कि यह करो, लेखन वह जगह है, जहां मेरी कल्पना उड़ान भरती है और वास्तव में मैं अपने सबसे अच्छे रूप में रहती हूं। जीने के लिए लिखना और जीवन के लिए लिखना, दोनों में अंतर है। अगर आप जीने के लिए लिखते हैं, तो आपको काफी समझौते करने पड़ेंगे और अगर आप जीवन के लिए लिखते हैं, तो आपको कठिन मेहनत करनी पड़ेगी।
जीवन के लिए लिखते हुए आप ईमानदारी के पक्ष में लिखेंगे, पैसे के लिए नहीं। ज्ञान हासिल करना शानदार है, यह महान सभ्यताओं का वास्तव में सर्वोच्च कार्य है। लेखन वास्तव में सोचने का एक तरीका है-सिर्फ महसूस करना नहीं, बल्कि उन चीजों के बारे में सोचना, जो असमान, अनसुलझे, समस्याग्रस्त या मधुर हैं। पुस्तकें राजनीतिक कामकाज का एक रूप हैं, पुस्तकें ज्ञान हैं, पुस्तकें प्रतिबिंब हैं, पुस्तकें आपके दिमाग को बदलती हैं। मेरा मानना है कि शांति खुले दिमाग का नृत्य है, जब वह एक और खुले दिमाग वाले से जुड़ता है।
नोबेलजयी अमेरिकी साहित्यकार