मेरे पिता ने कहा था कि जीवन एक खूबसूरत चीज है और इसका उद्देश्य खुश होना है। इस दुनिया का सौंदर्य और रहस्य केवल स्नेह, ध्यान, रुचि और करुणा से उभरकर सामने आता है...अपनी आंखों को पूरी तरह से खोलें और इस दुनिया को इसके रंग, ब्योरे और विडंबनाओं में देखें।
हम किसी दूसरे के दिल के प्यार और दर्द के बारे में कितना जानते हैं? हम स्वयं की तुलना में उन लोगों को समझने की आशा कैसे कर सकते हैं, जो गहरी पीड़ा, अभाव और निराशाओं से जूझ रहे हैं? खुशी वही है कि आप किसी को अपनी बांहों में भरते हैं और पाते हैं कि आपने पूरी दुनिया को अपना बना लिया है।
हम जीते हैं, लेकिन थोड़ी देर, हम देखते हैं, मगर बहुत कम, इसलिए कम से कम हमें सपने जरूर देखने चाहिए। लेखक वह होता है, जो अपने भीतर दूसरे की खोज में धैर्यपूर्वक वर्षों बिता देता है। जब मैं लिखने की बात करता हूं, तो सबसे पहले मेरे दिमाग में कोई उपन्यास, कोई कविता या कोई साहित्यिक परंपरा नहीं आती, बल्कि वह व्यक्ति आता है, जिसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है और अकेले अपनी छाया में अपने अंतस में उतरकर शब्दों के जरिये एक नई दुनिया का निर्माण करता है।
अपनी कल्पना का काम करने के लिए मुझे अकेलेपन के दर्द की जरूरत होती है। सच्चा साहित्य किसी कहानी से ज्यादा बड़ी चीज है, यह नैतिक, दार्शनिक और भावनात्मक स्तर पर दुनिया का सार पाठकों के सामने प्रस्तुत करता है। अगर हम बिना किसी उम्मीद के किसी को कुछ देते हैं, तो यह दुनिया सबसे खूबसूरत जगह होगी।
-इस्तांबुल के नोबेलजयी उपन्यासकार