मैं एक किस्सागो परिवार में पली-बढ़ी हूं। मुझे याद नहीं है कि कभी मेरे परिवार में किसी ने कहा हो कि राजनीति, फिल्म, इतिहास या धर्म पर बात नहीं हो। मुझे प्रेम कहानियां पसंद हैं। एक अच्छी प्रेम कहानी में तीन तत्व जरूर होते हैं- प्रेमी, प्रेमिका और उन दोनों के बीच रोमांच।
बचपन में मैं घुड़सवारी करती थी। मैं घुड़सवारी में ही अपना करियर बनाना चाहती थी, लेकिन मेरी मां ने मना कर दिया। वह मुझे बौद्धिक बनाना चाहती थीं। मैं उनकी सबसे बड़ी संतान थी और वह सोचती थीं कि लेखक बनना मेरे लिए सबसे अच्छा रहेगा। मेरी मां एक अखबार में काम करती थीं। वह महिलाओं से संबंधित पृष्ठ की संपादक थीं।
उन्होंने युद्ध के बारे में उपन्यास भी लिखने की कोशिश की थी। जब मैं सातवीं क्लास में थी, उस समय मैं परमाणु भौतिक वैज्ञानिक बनना चाहती थी। लेकिन जब मैं काफी लंबी हो गई, तो मैंने मॉडल बनने के बारे में भी सोचा, लेकिन जब मैं एक एजेंट से मिलने गई, तो उसने मुझे हतोत्साहित कर दिया।
घुड़सवार बनना चाहा, तो मेरी मां ने मना कर दिया। फिर एक दिलचस्प वाकया हुआ। एक बार वसंत की छुट्टियों में मैं इंग्लैंड गई। मेरे सौतेले पिता के कुछ दोस्त वहां रहते थे, उन्हीं के घर मैं वहां ठहरी थी। वह बेहद शानदार यात्रा थी।
मैं वहां काफी घूमी और एक अजीब चीज जो मैंने वहां की, वह यह कि मैंने वहां एक भाषण दिया। एक किशोर उम्र की लड़की का स्पीकर कॉर्नर में सबके बीच भाषण देना कितनी बड़ी बात थी! तभी मुझे यह एहसास हुआ कि मैं अपनी बात रख सकती हूं, मेरी अपनी राय है और यही तो लेखक-उपन्यासकार करते हैं।