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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप: टीम इंडिया को अब बारिश का ही सहारा

सार

यदि ओवल के मैदान पर बारिश नहीं हुई तो यह टेस्ट मैच करीब-करीब भारत के हाथों से निकल चुका है। यदि हम मान भी लें कि शेष बल्लेबाज 50-100 रन और जोड़ भी देते हैं तो भी ऑस्ट्रेलिया के पास एक बड़ी लीड होगी। वह दूसरी पारी में 150-200 रन बनाकर भी एक अजेय स्कोर खड़ा कर लेगा।
 
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भारत की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी है - फोटो : Amarujala
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विस्तार
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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को अब कोई बचा सकता है तो वह संभवत: बारिश है। जिस तरह से अब तक टीम इंडिया ने सिलेक्शन से लेकर बॉलिंग-बैटिंग में प्रदर्शन किया है, वह बेहद निराशाजनक है। न तो हमारे गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं और बल्लेबाजों का तो कहना ही क्या?

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भारत की पहली पारी में शुरुआती विकेट ताश के पत्तों की तरह गिर गए। अब साफ दिख रहा है कि ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में एक बड़ी बढ़त मिलने वाली है।
 

अश्विन को प्लेइंग 11 में नहीं मिली जगह   

पहले बात टीम सिलेक्शन की करते हैं। भारतीय टीम की बॉलिंग की शक्ति स्पिन गेंदबाजी है, फिर भी स्पेशलिस्ट स्पिनर आर.अश्विन को क्यों बाहर बिठाया गया? यह समझ से परे है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम में 5 बाएं हाथ के बल्लेबाज खेल रहे हैं। अश्विन राइट आर्म ऑफ ब्रेक गेंदबाज हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान करते हैं। उनमें विकेट लेने की क्षमता है। अच्छा होता उमेश यादव या शार्दुल ठाकुर में से किसी एक गेंदबाज को ड्रॉप करके अश्विन को खिलाया जाता। रविंद्र जडेजा एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं और वह पार्ट टाइम गेंदबाजी करते हैं। वह वो भूमिका नहीं निभा सकते, जो अश्विन निभा सकते हैं।

भारतीय गेंदबाज भले वो मोहम्मद शामी हो, मोहम्मद सिराज हो, उमेश यादव हो, शार्दुल ठाकुर हो या रविंद्र जडेजा, वे वैसा इंपैक्ट नहीं छोड़ पाए, जैसी उनकी छवि है। एक कारण यह भी हो सकता है कि हमारे अधिकांश खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से सीधा ओवल के मैदान पहुंचे और वह थके हुए हैं। इसका असर उनकी गेंदबाजी पर साफ दिखा।

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शुरुआती 1-2 विकेट लेने के बाद गेंदबाज मार खाते रहे। खासकर स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 285 रन की साझेदारी कर दी। भले निचले क्रम के ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को आउट करने में गेंदबाज सफल रहे हों, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने 469 रनों का एक विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया।

कप्तान रोहित शर्मा प्रेक्टिस के दौरान चोटिल हो गए थे। फिर भी वह खेलने के लिए उतरे। आईपीएल में जिस तरह रोहित रनों को तरस रहे थे। ओवल के मैदान पर भी वही परंपरा उन्होंने जारी रखी और मात्र 15 रनों पर अपना विकेट गंवा बैठे। आईपीएल के हीरो शुभमन गिल भी एक गेंद को छोड़ने के दौरान बोल्ड हो गए। कुछ ऐसी गलती चेतेश्वर पुजारा ने भी की। आईपीएल में विराट कोहली भी रन मशीन बने हुए थे, लेकिन ओवल के मैदान पर वह भी नहीं चले।

भारतीय बल्लेबाज ढेर

कुल मिलाकर हमारे कागजी शेर बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के आगे सरेंडर करते दिखे। रविंद्र जडेजा ने जरूर कुछ संघर्ष किया और टेस्ट में वनडे की स्टाइल से बल्लेबाजी की, लेकिन वह भी अपने अर्द्धशतक से ठीक पहले 48 रन पर आउट हो गए। 151 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद अब लग रहा है कि निचले क्रम के बल्लेबाज भी कुछ खास नहीं करने वाले, क्योंकि अधिकांश गेंदबाज हैं। 

यदि ओवल के मैदान पर बारिश नहीं हुई तो यह टेस्ट मैच करीब-करीब भारत के हाथों से निकल चुका है। यदि हम मान भी लें कि शेष बल्लेबाज 50-100 रन और जोड़ भी देते हैं तो भी ऑस्ट्रेलिया के पास एक बड़ी लीड होगी। वह दूसरी पारी में 150-200 रन बनाकर भी एक अजेय स्कोर खड़ा कर लेगा।

चौथी पारी में भारतीय बल्लेबाजों के लिए इतना लंबा रन चेस करना आसान नहीं होगा, क्योंकि पहली पारी में साफ दिख रहा है कि कोई भी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पा रहा है। भारतीय फैन्स यही आस लगा रहे हैं कि ओवल पर अब बारिश हो जाए और कम से कम हार के बजाय टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की संयुक्त विजेता ही बन जाए।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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