एक्शन फिल्मों में उमा थर्मन
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क्वेन्टीन टेरन्टीनो तथा उमा थर्मन के रिश्तों में दरार आई प्रतिकार की फिल्म ‘किल बिल-2’ की शूटिंग के दौरान। फिल्म के लिए एक कार स्टंट होना था, उमा उसके लिए बहुत सुरक्षित अनुभव नहीं कर रही थीं लेकिन टेरन्टीनो ने दबाब डाला तो वे राजी हो गईं। परन्तु शूटिंग के समय दुर्घटना हुई और उमा के गर्दन एवं घुटने में चोट आई। काफी दिन बोलचाल बंद रही जबकि निर्देशक बराबर माफी मांगते रहे। आखिरकार करीब दस साल बाद दोनों में सुलह हुई।
वे मानती हैं कि ‘उमा थर्मन फिल्में’ नहीं हैं क्योंकि वे खुद को हर बार बदलती रहती हैं। अभिनेत्री होने का अर्थ है दूसरे लोग, दूसरी बातों, दूसरी संस्कृतियों का अन्वेषण करना। उनके अनुसार इससे उनका जीवन बहुत समृद्ध हुआ है।
उमा ने स्वतंत्र कला फिल्म ‘ए मन्थ बाई द लेक’ (1995) में भी काम किया है और ‘ब्यूटीफुल गर्ल्स’, ‘द थ्रुथ अबाउट कैट्स एंड डॉग्स’ में भी मादक भूमिकाएं की हैं। म्युजिकल फिल्म ‘द प्रड्यूसर्स’ में भी वे हैं। ‘बैटमैन एंड रोबिन’ में वे जॉर्ज क्लूनी के साथ हैं। उमा ने ‘दि एवेन्जर्स’ फिल्म में एम्मा पील की भूमिका की। उन्होंने वूडी एलन तथा सॉन पेन के साथ ‘स्वीट एंड लोडाउन’ (1999) में काम किया। मीरा नायर ने उमा को लेकर 2002 में टेलीविजन केलिए ‘हिस्टीरिकल ब्लाइंडनेस’ बनाई और इस फिल्म केलिए उमा को गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार प्राप्त हुआ।
उमा थर्मन गर्भपात के पक्ष में हैं, उन्होंने स्वयं भी किशोरावस्था में गर्भपात कराया था। उस समय यदि वे गर्भपात न कराती तो जो आज वे हैं, वो वह न होतीं। उस समय के निर्णय ने उन्हें विकसित होने और मनचाहे काम करने, बाद में मां बनने में मदद की।
वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल
उमा थर्मन की 1998 में एथन हॉक के साथ शादी हुई उनके दो बच्चे हैं, उन्होंने अपनी बेटी का नाम माया रखा है। माया के नाम से उमा ने ‘ड्यूक ऑफ ग्रोव’ में काम किया है। एथन हॉक से उनका 2004 में तलाक हो गया। इससे पहले 1990 में उन्होंने गैरी ओल्डमैन से शादी की थी मगर यह शादी जल्द ही 1992 में टूट गई थी। उमा थर्मन का बीच का नाम करुणा है यह भी बौद्ध धर्म से जुड़ा शब्द है। उमा और करुणा दोनों नाम भारतीय संस्कृति में बहुत सामान्य हैं। माया का एक अर्थ प्रकाश तथा सौंदर्य की देवी भी होता है।
बाद में जब वे अपने स्कूल गईं तो बच्चे उन्हें देख कर पगला गए। वे वहां वीमेन’स हिस्ट्री असेंबली में अनुदान के लिए गई थीं। घर में रह कर खुश रहने वाली इस अभिनेत्री के अनुसार प्रत्येक वर्किंग स्त्री यदि मां है, तो वह सुपरमॉम होती है। उन्हें स्टेज पर किसी प्रकार की झिझक नहीं होती है। अभिनय उन्हें खुद को अभिव्यक्त करने का माध्यम लगता है।
उन्होंने ‘प्राइम’, ‘पे चेक’, ‘द काम’, ‘डाउन ए डॉर्क हाल’, ‘द मन्डेन गॉडेस’, ‘द गिफ्ट’, ‘जम्प’ आदि टीवी, फीचर, शॉर्ट फिल्मों में काम किया है। वे 1994 मं वेनिस फिल्म समारोह की ज्यूरी सदस्य थीं।
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