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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: दूसरे देशों के सिने-संसार पर राज करने वाले कलाकार

सार

आकर्षक मूंछों, बाउलर हैट, छड़ी और अटपटी चाल वाले, मूक फ़िल्मों के बादशाह, लिटिल ट्रैम्प चार्ली चैपलिन ने करीब 70 फ़िल्मों में काम किया। इनका जन्म लंदन के वॉलवर्थ में हुआ था।
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ग्रेट ब्रिटेन में जन्में चार्ली चैपलिन का सफर - फोटो : Twitter
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विस्तार
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क्या आप जानते हैं चार्ली चैपलिन, एंथॉनी होप्किन्स, रेचल वाज, पियर्स ब्रोसनान, सीन बीन, जूड लॉ, चुइटैल एजीफ़ोर, टिम रॉथ, क्रिस्टोफर नोलान, एल्फ़्रेड हिचकॉक तथा डैनी बॉयल में क्या समानता है? ये सब हॉलीवुड अर्थात सिने-जगत से जुड़े लोग हैं। लेकिन आप शायद नहीं जानते हैं इनमें एक बात और साझी है। यह साझी बात है, इन सबका जन्म हॉलीवुड या अमेरिका में नहीं हुआ है। इनका जन्म ग्रेट ब्रिटेन मतलब इंग्लैंड, स्कॉटलैंड अथवा वेल्स में हुआ है। जन्म भले ही इनका अमेरिका के बाहर हुआ है मगर राज इन्होंने अमेरिकी सिने-संसार पर किया है।

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आकर्षक मूंछों, बाउलर हैट, छड़ी और अटपटी चाल वाले, मूक फ़िल्मों के बादशाह, लिटिल ट्रैम्प चार्ली चैपलिन ने करीब 70 फ़िल्मों में काम किया। उसकी ‘द किड’, ‘सिटी लाइट्स’, ‘दि इमिग्रेन्ट’, ‘द गोल्ड रश’, ‘मोडर्न टाइम्स’, ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ फ़िल्में आज भी देखी और सराही जाती हैं। चैपलिन को लाइफ़टाइम ऑस्कर सम्मान 1972 में मिला।


उनकी फ़िल्मों को ‘सांस्कृतिक, ऐतिहासिक तथा सौंदर्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस गजब के अभिनेता ने ‘द इमिग्रेंट’, ‘द किड’, ‘द गोल्ड रश’, ‘सिटी लाइट्स’, ‘मोडर्न टाइम्स’ तथा ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ छ: फ़िल्मों का निर्देशन भी किया। यह महान सिने-व्यक्तित्व (टाइम पत्रिका के बीसवीं सदी के 100 सर्वाधिक महत्वपूर्ण लोगों में शामिल) हॉलीवुड में नहीं लंदन के वॉलवर्थ में 16 अप्रैल 1889 को जन्मा था।

एन्थॉनी होप्किन्स

याद है, ‘मास्क ऑफ़ ज़ोरो’, ‘हनीबाल’, ‘द साइलेंस ऑफ़ द लैंब्स’, ‘मीट जो ब्लैक’? अगर देखी हैं ये फ़िल्में तो आप एन्थॉनी होप्किन्स को कभी नहीं भूल सकते हैं। प्यार से टोनी नाम से पुकारे जाने वाले होप्किन्स का जन्म भी अमेरिका में नहीं यूनाइटेड किंग्डम के वेल्स में हुआ था। 31 दिसम्बर 1937 को जन्मे इस अभिनेता को ‘ऑर्डर ऑफ़ द ब्रिटिश एम्पाय’ और ‘सर’ की उपाधि मिली हुई थी मगर एक बार इन सम्मानों के जाने की नौबत आ गई।

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असल में यह अभिनेता पिछली सदी के नब्बे के दशक में अमेरिका के कैलीफ़ोर्निया आ गया था और अमेरिका उसके प्रति मेहरबान था, तो 2000 में उसने अमेरिकी नागरिकता ली। अमेरिकी नागरिकता की एक शर्त है, पहले के नोबिलिटी सम्मानों को त्यागने की शपथ लेना। मगर एन्थॉनी ने अपनी ब्रिटिश नागरिकता कायम रखी और इस तरह अपने पिछले सम्मान बचा लिए और हॉलीवुड में नए सम्मान पाए। उन्हें ढ़ेर सारे अन्य सम्मानों के साथ दो बार ऑस्कर (‘साइलेंस ऑफ़ द लैंब्स’ तथा ‘द फ़ादर’) मिला है।

रेचल वाज़

7 मार्च 1970 को लंदन में जन्मी रेचल वाज़ कई सालों तक ग्रीन कार्ड के सहारे हॉलीवुड में काम कर रही थी, फिर 2011 में उन्होंने वहां की नागरिकता ले ली। यहूदी परिवार की इस खूबसूरत अभिनेत्री को आप ‘द ममी’, ‘एनिमी अट द गेट्स’, ‘स्टीलिंग ब्यूटी’, ‘द शेप ऑफ़ थिंग्स’, ‘द कॉन्सटेंट गार्डनर’(ऑस्कर सम्मान), ‘ब्लैक विडो’, ‘अबाउट ए बॉय’, ‘माई कजिन रेचल’, ‘द विनर’ (बाफ़्टा अवॉर्ड), ‘अगोरा’ आदि फ़िल्मों में देख सकते हैं। 

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आयरलैंड में जन्मे पियर्स ब्रॉसनान - फोटो : Twitter

लिआम नीसन

‘द क्रोनिकल्स ऑफ़ नार्निआ: द लायन, द विच एंड द वार्डरॉब’ में अपनी आवाज से लोकप्रिय हुए लिआम नीसन भी पिछली सदी के अस्सी के दशक में हॉलीवुड आ गए थे और उन्होंने 2009 में अमेरिकी नागरिकता ले ली। कई फ़िल्मों में आवाज के लिए प्रसिद्ध हुए लेकिन उनकी प्रशंसा करते हुए इसी आवाज के लिए प्रारंभ में उन्हें हॉलीवुड ने कई बार नकार दिया था।

7 जून 1952 को यूनाइटेड किंगडम के बैलीमेना में जन्मे लिआम नीसन ने पहले ब्रिटेन में अभिनय किया था। आपने लिआन नीसन को ‘ए वॉक अमंग द टूमस्टोन्स, ‘डार्कमैन’, ‘बैटमैन बिगिंस’, ‘द डार्क नाइट राइजेज’ (डॉर्क नाइट ट्रिलिजी) में देखा होगा। 6 फ़ीट 4 इंच लंबे इस अभिनेता को देखकर लोग डर जाते थे। अगर इन फ़िल्मों में नहीं देखा तो 7 ऑस्कर पाने वाली फ़िल्म ‘सिंड्लर्स लिस्ट’ के ऑस्कर सिंड्लर को तो देखा होगा। हो सके तो 2016 में बनी 159 मिनट की बायोपिक ‘साइलेंस’ अवश्य देख लें। उन्होंने मार्टिन स्कॉरसेसि के साथ अभी तक मात्र  ‘साइलेंस तथा ‘गैंग्स ऑफ़ न्यू यॉर्क’ (2002) दो फ़िल्में की हैं।

पियर्स ब्रॉसनान

सिने-प्रेमियों के बीच ब्रिटिश सीक्रेट एजेंट जेम्स बॉन्ड खूब प्रसिद्ध हैं। जेम्स बॉन्ड अमेरिका में है और उसे परदे पर साकार किया है पियर्स ब्रॉसनान ने। ‘डाई अनादर डे’, ‘द वर्ल्ड इज नॉट इनफ़’ (लोकप्रिय अभिनेता सम्मान), ‘टूमारो नेवर डाइज’ (सर्वोत्तम अभिनेता पुरस्कार), ‘गोल्डेन आई’ में ब्रॉसनान ने जेम्स बॉन्ड की भूमिका की है।

16 मई 1953 को आयरलैंड में जन्मे पियर्स ब्रॉसनान के माता-पिता पियर्स के बचपन में इंग्लैंड आ गए थे। ब्रॉसनान ने 22 साल अमेरिका में रहने के बाद अंतत: 2004 में अमेरिकी नागरिकता ले ली। वे नागरिकता परीक्षा से घबराते थे। ‘दान्ते’ज पीक’, ‘द ‘मिस्फ़िट्स’, ‘द फ़ोर्नर’, ‘द नवम्बर मैन’, ‘सरवाइवर’, ‘आफ़्टर द सनसेट’, ‘नो स्केप’ आदि उनकी अन्य कुछ फ़िल्में हैं। 

लेकिन ‘ए क्वायट प्लेस’, ‘योर सिस्टर’स सिस्टर’, ‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’, ‘द फ़ाइव-इयर इंगेजमेंट’, ‘साल्मॉन फ़िशिंग इन यमन’, ‘सनशाइअन क्लीनिंग’, ‘द यंग विक्टोरिया’ जैसी फ़िल्मों की अभिनेत्री एमिली ब्लंट ने जब अपनी ब्रिटिश नागरिकता छोड़ी तो वे बहुत उदास हुईं। 23 फ़रवरी 1983 को लंदन में जन्मी एमिली ने 2015 में अमेरिकी नागरिकता ली, उनके अनुसार नागरिकता परीक्षा बहुत कठिन थी।

जूड लॉ

लंदन में ही 29 दिसम्बर 1972 को जन्मे हैं जूड लॉ। ‘गटाका’ तथा ‘द टैलेंटेड मिस्टर रेप्ले’ के लिए अकादमी पुरस्कार नामांकित जूड लॉ को हाल में ‘शरलक होम्स (2009) तथा ‘शरलक होम्स: ए गेम ऑफ़ शेडो’ में डॉक्टर वॉट्सन के रूप में देख कर कोई नहीं कहेगा कि यही मंच-सिने अभिनेता 2012 में बनी ‘आना केरिनीना’ में आना (कैरा नाइटली) का पति केरेनीन है। और कौन कहेगा कि यही व्यक्ति मार्टिन स्कॉरसेसि की 2011 की फ़िल्म ‘ह्यूगो’ में ह्यूगो का पिता बना है। चैरिटी कार्यों से जुड़े जूड लॉ की ‘मिडनाइट इन द गार्डेन ऑफ़ गुड एंड इविल’, ‘एनिमी एट द गेट्स’, ‘दि एविएटर’ आदि कुछ अन्य फ़िल्में हैं।

एल्फ़्रेड हिचकॉक के ‘साइको’ के साथ आधुनिक हॉरर फ़िल्मों की शुरुआत होती है। अपनी फ़िल्मों में अपनी एक झलक दिखाने वाले इस सिने-निर्देशक ने कुशल आर्टिस्ट होने के नाते सेट्स ड्रॉइंग से अपने सिने-कैरियर का प्रारंभ किया था। 13 अगस्त 1899 को लंदन में जन्मे हिचकॉक ने 1922 में यानि आज से एक सौ साल पहले ‘नंबर 13’ नाम की फ़िल्म बनाई थी।

इसके बाद ‘मास्टर ऑफ़ प्योर सिनेमा’ सर एल्फ़्रेड हिचकॉक ने ‘द लेडी वेनिशेस’, ‘जमाइका इन’, ‘द बर्ड्स’, ‘द 39 स्टेप्स’, ‘शैडो ऑफ़ अ डाउट’, ‘स्ट्रेन्जर्स ऑन ए ट्रेन’, ‘रियर विन्डो’, ‘नॉर्थ बाई नॉर्थवेस्ट’, ‘वर्टिगो’, ‘नटोरियस’ आदि एक-से-बढ़-कर-एक हॉरर फ़िल्में बनाईं। उसकी मृत्यु (29 अप्रैल 1980) पर करीब 600 लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए जिसमें कई बड़ी हस्तियों के साथ फ़्रांसुआ त्रुफ़ो भी शामिल थे।

सीन बीन, गैरी ओल्डमैन, इआन मेक्केलेन, चुटेल एजिओफ़ोर, टिम रॉथ, क्रिस्टोफ़र नोलन, डैनी बॉयल, भी ग्रेट ब्रिटेन में जन्म लेने के बावजूद अमेरिकी सिने-जगत में चमक रहे हैं और उसे चमकाया है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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