नंदीग्राम में ममता बनर्जी और अमित शाह का रोडशो
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अधिकारी परिवार ने लगाया दमखम
जिले के रसूखदार अधिकारी परिवार जिसमें सुुुुुुुवेंदु, उनके पिता सांसद शिशिर अधिकारी व भाई शामिल हैं, के लिए हल्दिया नाक की लड़ाई है। चुनाव से ऐन पहले माकपा विधायक तापसी मंडल को अपने पाले में कर भाजपा इस सुरक्षित सीट पर एक कदम आगे निकल आई है। लेकिन माकपा के मतदाता इससे इत्तेफाक नहीं रखते।
खुदीराम मार्केट के पास खरीदारी करने आए आशीष दास कहते हैं-ट्रेड यूनियन आंदोलन के सहारे इस उद्योगनगरी में माकपा प्रत्याशी मनिका कर पाइक का भविष्य उज्जवल दिखता है। यहां केवल बड़ी कंपनियों, प्राइवेट शिक्षण संस्थानों, पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारी ही नहीं रहते हैं यहां मेहनतकश मजदूर भी हैं जो किसी नेता के साथ नहीं है बल्कि उनकी बात करने वाली विचारधारा के साथ हैं।
कटमनी, सिंडीकेटराज की बात उठती है
उद्योगनगरी यानि दादा भाइयों के लिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी। हजारों वाहनों में दैनिक लोडिंग-अपलोडिंग, बड़े-बड़े गोदाम, परिवहन के भीमकाय बेड़े राजनीतिक दलों के समर्थकों के लिए उगाही का बड़ा माध्यम हैं। इंडियन ऑयल निगम कॉलोनी के पास लॉरी के साथ खड़े सरदार गुरजीत सिंह कहते हैंं-यहां बिना मुट्ठी गरम किए लोडिंग- अनलोडिंग की बात सोचना सपने जैसा है। पूरी व्यवस्था बनी हुई है। मुस्कुराते हुए कहते हैं कि लंका में जो आएगा वो रावण ही होगा।
नंदीग्राम इस तरफ तो उस पार डायमंड हार्बर
हल्दिया सीट की पड़ोसी सीटों में एक तरफ नंदीग्राम है तो दूसरी तरफ डायमंड हार्बर। नंदीग्राम में जहां ममता और सुुुुुुुवेंदु आमने-सामने हैं वहीं हुगली नदी पार करते ही डायमंड हार्बर की सीमा शुरू हो जाती है, जिसे ममता के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ कहा जाता है।
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