तिरुवंतपुरम में विराट कोहली ने वनडे में अपना 46वां शतक लगाया।
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कुछ साल पहले विजडन ने प्रभावशाली क्रिकेटर्स की सूची जारी की थी, जिसमें सचिन का नाम नहीं था और तब भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने काफी हो-हल्ला मचाया था। विजडन का कहना था कि सचिन ने बड़े अवसर पर मैच विनर की भूमिका नहीं निभाई। उनकी कोई ऐसी पारी नहीं है, जो टीम इंडिया को संकट से निकाल कर ले गई हो और मैच जिताया हो।
मैच विनर कोहली
इसके विपरीत विराट कोहली की पहचान ही मैच विनर की है। उन्हें चेज मास्टर कहा जाता है। पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ जब सभी ने भारत की हार मान ली थी, तब विराट कोहली ने अकेले दम पर टीम इंडिया को जीत दिलाई। उस मैच में एक समय तो 8 गेंदों पर 28 रन चाहिए थे, लेकिन उस असंभव स्कोर को विराट ने संभव बना दिया था।
बतौर कप्तान भी यदि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना करें तो विराट ही इक्कीस रहेंगे। सचिन ने 73 वनडे मैचों में कप्तानी की और मात्र 23 मैच भारत जीत सका था। टेस्ट में तो उनका रिकॉर्ड और खराब रहा। 25 टेस्ट मैचों में से भारत 9 मैच हार गया था, जबकि 5 में जीत मिली थी और 11 मैच बेनतीजा रहे थे।
जहां तक विराट कोहली की कप्तानी की बात है तो उन्हें भारत के सफलतम कप्तानों में गिना जाता है। विराट की कप्तानी में 95 वनडे में 65 मैच भारत जीता और 27 में शिकस्त मिली, विराट ने 68 टेस्ट में टीम का नेतृत्व किया और 40 मैच जिताए, जबकि 17 में हार मिली और 11 बेनतीजा रहे।
हालांकि, विराट कोहली की आलोचना इस बात के लिए भी होती रहती है कि वह कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट टीम इंडिया को नहीं जिता पाए। शायद यही कारण था कि उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी।
सचिन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर देखा जाए तो उन्होंने नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में टेस्ट डेब्यू किया था और अपना अंतिम टेस्ट मुंबई में नवंबर 2013 में खेला था, यानी सचिन ने 24 साल क्रिकेट मैदान पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट, 463 वनडे और एक टी-20 इंटरनेशनल खेला। टेस्ट में 53.78 के औसत से उनके 15,921 रन हैं, जिसमें 51 शतक शामिल हैं। 463 वनडे में उनके 44.83 के औसत से 18,426 रन हैं, जिसमें 49 शतक शामिल हैं।
विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अगस्त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और वेस्टइंडीज के खिलाफ जून 2011 में उन्हें टेस्ट टीम में आने का मौका मिला। वर्ष 2008 से अब तक वह 268 वनडे खेल चुके हैं, जिसमें 12,754 रन उन्होंने बनाए हैं, उनका औसत 58.23 का है और 46 शतक लगा चुके हैं। टेस्ट में भी विराट का रिकॉर्ड अच्छा है। 104 टेस्ट मैच खेलकर उन्होंने 8119 रन बनाए हैं और उनका औसत 48.90 का है, उन्होंने 27 शतक लगाए हैं।
विराट में भरपूर प्रतिभा
यह कहना बेहद मुश्किल है कि विराट कोहली सचिन तेंदुलकर की भांति 24 साल सक्रिय क्रिकेट खेल पाएंगे या नहीं, क्योंकि अब विराट की उम्र 34 साल हो चुकी है। उनका बामुश्किल 4-6 साल का करियर बचा है। वह सचिन के बराबर टेस्ट और वनडे भी संभवतः नहीं खेल पाएंगे, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों को यह उम्मीद तो है कि सचिन तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड वह इन वर्षों में तोड़ जरूर देंगे।
शायद दोनों महान बल्लेबाजों की तुलना बेमानी हो, लेकिन क्रिकेट इतिहास में तुलना होती रहेगी और जब भी रिकॉर्ड बुक पर देखा जाएगा तो विराट कोहली एक बड़े सफल बल्लेबाज और खिलाड़ी नजर आएंगे। हालांकि, यह नहीं कहा जाएगा कि सचिन कमतर खिलाड़ी थे। इतिहास सचिन को क्रिकेट के भगवान और विराट को किंग कोहली के नाम से ही पहचानेगा।
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