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पश्चिम बंगाल: इस इलाके में 18 अगस्त को मनाया जाता है स्वाधीनता दिवस

सार

पश्चिम बंगाल के कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां यह 18 अगस्त को मनाया जाता है। इस साल भी नदिया जिले के उन इलाको में स्वाधीनता दिवस मनाने की तैयारियां चल रही हैं।
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Independence Day 2024 - फोटो : Istock
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विस्तार
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यूं तो पूरे देश में 15 अगस्त को ही स्वाधीनता दिवस मनाया जाता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां यह 18 अगस्त को मनाया जाता है। इस साल भी नदिया जिले के उन इलाको में स्वाधीनता दिवस मनाने की तैयारियां चल रही हैं।

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ऐसा देश की आजादी के बाद से ही होता रहा है। नदिया जिले का शिवनिवास ऐसा ही एक गांव है। देश की आजादी के बाद रेडक्लिफ आयोग ने जब सीमा रेखा तय की तो नदिया और मुर्शिदाबाद जिले के कई हिस्से तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में शामिल कर दिए गए थे। दूसरी तरह, जेसोर और खुलना भारत का हिस्सा बन गए थे।

रेडियो पर इस खबर के प्रसारण के बाद नदिया जिले के उन हिस्सों में लोगों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। वह लोग भारत में रहना चाहते थे। हालात तेजी से बेकाबू होते देख कर तत्कालीन वायसराय लार्ड माउंटबेटन ने आखिर दो दिनों के बाद नक्शे में बदलाव करते हुए रेडक्लिफ लाइन नए सिरे से खींचने का आदेश दिया।
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इस नए निर्देश में कहा गया था कि नदिया जिले के तीन मुस्लिम-बहुल सबडिवीजनों के अलावा मालदा, दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी के कुछ हिस्से ही पूर्वी पाकिस्तान में शामिल किए जाएंगे। बाकी हिस्सा भारत में ही रहेगा। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आखिर 18 अगस्त को नदिया में राष्ट्रीय झंडा फहराया गया।

नदिया जिले के शिवनिवास में 14 अगस्त, 1947 की रात से ही पाकिस्तानी झंडा फहरा रहा था। 18 अगस्त को उसे उतार कर उसकी जगह भारतीय झंडा फहराया गया था। शिवनिवास नदिया के तत्कालीन राजा की राजधानी थी। कहा जाता है कि हर घर में शिवलिंग होने की वजह से ही इसका नाम शिवनिवास पड़ा था।

लेकिन उसके बाद कई साल तक इस घटना को लगभग भुला दिया गया था। आखिर कई साल की कोशिशों के बाद वर्ष 1991 में शिवनिवास के रहने वाले अंजन सुकुल ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय से इलाके में 18 अगस्त को स्वाधीनता दिवस मनाने और तिरंगा फहराने की अनुमति हासिल कर ली। इलाके में वर्ष 1998 में स्वाधीनता दिवस समारोह के पारंपरिक आयोजन के लिए 18 अगस्त समिति का गठन किया गया था। उसके बाद समिति की देख-रेख में हर साल आयोजनों की भव्यता बढ़ती जा रही है।

18 अगस्त समिति के अंजन सुकुल बताते हैं कि हमें तो 18 अगस्त को ही आजादी मिली थी। इसलिए बीते तीन दशकों से भी लंबे समय से इलाके के लोग इसी दिन धूमधाम से स्वाधीनता दिवस का पालन करते आए हैं।

सीमावर्ती इलाका होने के कारण शिवनिवास में 18 अगस्त को डाग सो समेत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा नजदीकी चुर्नी नदी में नौका दौड़ का आयोजन भी किया जाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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