टैब्लॉइड अखबार के पत्रकार Jari Hanska ने विदेश मंत्री को यह कलम नाटो के आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दी थी।
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दरअसल,यहां के एक टैब्लॉइड अखबार के पत्रकार Jari Hanska ने विदेश मंत्री को यह कलम नाटो के आवेदन-पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दी थी। उस वक्त मौके पर मौजूद Hanska को लगा कि इस ऐतिहासिक पल में हस्ताक्षर के लिए कलम भी समय अनुकूल होना चाहिए। यानी विदेश मंत्री किसी ऐसे पेन से हस्ताक्षर करें जो कि देखने में स्टाइलिश और आकर्षक हो। इसलिए उन्होंने अपनी सुनहरे रंग की कलम विदेश मंत्री को दे दी। अगले दिन उन्होंने अपने अखबार के एक कॉलम में इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि यह कलम उन्होंने Stockmann online store से खरीदी थी। यह पेन नाटो के आवेदन-पत्र पर हस्ताक्षर का साक्षी है।
इसके बाद लोगों में उस पेन को खरीदने की उत्सुकता बढ़ने लगी। चंद ही घंटों में Stockmann online store में उस कलम के खरीदारों की संख्या आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ी और फिर देखते ही देखते यह कुछ ही समय में आउट ऑफ स्टॉक भी हो गई। स्टोर के लिए यह सबकुछ सुखद आश्चर्य से कम नहीं था।
Stockmann online store के प्रवक्ता ने कहा कि वे खुद भी नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर वे इस मांग की आपूर्ति एक दिन में ही कैसे करें। इसलिए उन्होंने स्थानीय दुकानों से संपर्क साधना शुरू किया ताकि उनके स्टोर में फिर से कलम पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हो जाए। लेकिन यह संभव नहीं हो सका। तब उन्होंने ग्राहकों से यथाशीघ्र पेन उपलब्ध कराने का वादा किया। अब इस पेन को एक नया नाम भी मिल गया है। फिनलैंड में इसे नाटो पेन कहा जाने लगा है।
इसी तरह फिनलैंड में एक बियर ब्रांड ने हाल में नाटो नाम से नए बियर उत्पाद को बाजार में उतार दिया। जिसकी लोकप्रियता भी चंद ही दिनों में आसमान पर पहुंच गई। पता चला कि नाटो बियर की बिक्री किसी भी अन्य बियर की तुलना में कहीं अधिक हो रही है। लोग इस बियर को नाटो में जल्द शामिल होने की खुशी में खरीद रहे हैं और समारोहों में सांकेतिक खुशी बयां करने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं।
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