Sandeshkhali Sheikh Shahjahan Case
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यहां इस बात का जिक्र प्रासंगिक है कि संदेशखाली ब्लॉक-2 की महिलाओं ने ही कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। वीडियो में सवाल करने वाले का चेहरा नजर नहीं आता। लेकिन भाजपा नेता का चेहरा साफ है।
वे कहते हैं-
हमने महिलाओं को ट्रेनिंग देकर बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दायर करने के लिए तैयार किया था। उसका कहना है कि कुछ महिलाएं आखिरी मौके पर डर कर शिकायत करने से पीछे हट गई।
गंगाधर कयाल का दावा है कि शुभेंदु अधिकारी ने उसे और क्षेत्र के अन्य भाजपा नेताओं को शाहजहां शेख, शिबू हाजरा और उत्तम सर्दार नामक तीन तृणमूल नेताओं के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाने के लिए तीन-चार स्थानीय महिलाओं को उकसाने को कहा था। फिलहाल यह तीनों नेता जेल में हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर संदेशखाली की घटना की जांच सीबीआई कर रही है।
संदेशखाली से हाल में भारी तादाद में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। उस वीडियो में दावा किया गया है कि शुभेंदु अधिकारी ने खुद संदेशखाली के एक घर में हथियार रखवाए थे। बाद में केंद्रीय एजेंसियों ने मौके से उसे बरामद किया था।
दिलचस्प बात यह है कि बशीरहाट की भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा ने भी अपना यौन उत्पीड़न होने का दावा किया था। इस घटना से उपजी सहानुभूति को भुनाने के लिए ही पार्टी ने उसको बशीरहाट सीट से मैदान में उतारा था। संदेशखाली इलाका इसी लोकसभा के तहत है। वीडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसने अंग्रेजी में लिखी एक शिकायत पर बिना समझे हस्ताक्षर कर दिए थे। उसमें लिखा था कि शाहजहां शेख समेत तृणमूल कांग्रेस के तीन नेताओं ने उसके साथ बलात्कार किया है। उस महिला ने बलात्कार की घटना से साफ इंकार किया है।
संदेशखाली की घटना से बैकफुट पर आई तृणमूल कांग्रेस इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा के प्रति आक्रामक हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी एक चुनावी रैली में कहा है कि यह वीडियो भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। यह बंगाल को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश है।
दूसरी ओर, भाजपा ने इस वीडियो को फर्जी करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने एक ट्वीट में उस नेता गंगाधर कयाल का एक वीडियो पोस्ट किया है। उसमें वह कहता नजर आ रहा है कि स्टिंग आपरेश वाले वीडियो में उसकी आवाज विकृत की गई है यानी वह उसकी आवाज नहीं है। शुभेंदु ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसे बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। उन्होंने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल इस वीडियो का सत्यापन होना बाकी है। इसे बनाने वाले लोगों के नाम भी सामने नहीं आए हैं। लेकिन अगर इसमें जरा भी सच्चाई है तो इससे चुनाव के बाकी चरणो में भाजपा को नुकसान हो सकता है।
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