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एक वीडियो से गरमाई पश्चिम बंगाल की राजनीति: क्या मनगढ़ंत थी संदेशखाली की घटना?

सार

उत्तर 24-परगना जिले के जिस संदेशखाली का नाम इस साल पांच जनवरी के पहले देश तो दूर राज्य के ज्यादातर लोग भी नहीं जानते थी वही भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया था। 
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Sandeshkhali Sheikh Shahjahan Case - फोटो : ANI
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विस्तार
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क्या पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और बलात्कार की घटना और उसके बाद इस मुद्दे पर महिलाओं के जिस दोलन ने देश-विदेश में सुर्खियां बटोरी थी, वह सब मनगढ़ंत था? इस मामले में भाजपा के एक नेता और एक पीड़िता के स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति अचानक गरमा गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जहां इसे एक बड़ी साजिश बताया है। वहीं भाजपा का दावा है कि यह वीडियो ही फर्जी है।

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उत्तर 24-परगना जिले के जिस संदेशखाली का नाम इस साल पांच जनवरी के पहले देश तो दूर राज्य के ज्यादातर लोग भी नहीं जानते थी वही भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया था। बीती जनवरी में ईडी की टीम पर हमले और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर उतरने वाली महिलाओं के कारण सुंदरबन इलाके में बांग्लादेश की सीमा से सटे इस द्वीप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां मिलती रही हैं।
 

पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों में संदेशखाली की महिलाओं का कथित यौन उत्पीड़न की गूंज सुनाई देती रही है। इस मामले को अपने सियासी हित में भुनाने के लिए ही पार्टी ने संदेशखाली की एक पीड़िता रेखा पात्रा को ही बशीरहाट संसदीय सीट पर मैदान में उतारा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शुरुआती दौर में खुद रेखा से फोन पर बात की थी। इससे साफ है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है। लेकिन अब स्टिंग ऑपरेशन के जरिए तैयार ताजा वीडियो ने इस पूरे मामले को एक नया रंग तो दिया ही है, इससे तृणमूल कांग्रेस को भाजपा पर जवाबी हमले को एक मजबूत हथियार भी मिल गया है। यह वीडियो तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी किया था। हालांकि, स्वतंत्र रूप से उसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है।

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खुफिया कैमरे से रिकॉर्ड किए गए उस वीडियो में यह बात सामने आई है कि संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की ओर से महिलाओं के बलात्कार की घटना पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है और इसके पीछे राज्य के प्रमुख भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का हाथ है। भाजपा के संदेशखाली ब्लॉक-2 के मंडल अध्यक्ष गंगाधर कयाल को उस वीडियो में यह कहते सुना जा सकता है कि कुछ महिलाओं को पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने के लिए तैयार किया गया था।

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Sandeshkhali Sheikh Shahjahan Case - फोटो : अमर उजाला GFX
यहां इस बात का जिक्र प्रासंगिक है कि संदेशखाली ब्लॉक-2 की महिलाओं ने ही कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। वीडियो में सवाल करने वाले का चेहरा नजर नहीं आता। लेकिन भाजपा नेता का चेहरा साफ है।

वे कहते हैं-
हमने महिलाओं को ट्रेनिंग देकर बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दायर करने के लिए तैयार किया था। उसका कहना है कि कुछ महिलाएं आखिरी मौके पर डर कर शिकायत करने से पीछे हट गई।

गंगाधर कयाल का दावा है कि शुभेंदु अधिकारी ने उसे और क्षेत्र के अन्य भाजपा नेताओं को शाहजहां शेख, शिबू हाजरा और उत्तम सर्दार नामक तीन तृणमूल नेताओं के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाने के लिए तीन-चार स्थानीय महिलाओं को उकसाने को कहा था। फिलहाल यह तीनों नेता जेल में हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर संदेशखाली की घटना की जांच  सीबीआई कर रही है।

संदेशखाली से हाल में भारी तादाद में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। उस वीडियो में दावा किया गया है कि शुभेंदु अधिकारी ने खुद संदेशखाली के एक घर में हथियार रखवाए थे। बाद में केंद्रीय एजेंसियों ने मौके से उसे बरामद किया था।

दिलचस्प बात यह है कि बशीरहाट की भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा ने भी अपना यौन उत्पीड़न होने का दावा किया था। इस घटना से उपजी सहानुभूति को भुनाने के लिए ही पार्टी ने उसको बशीरहाट सीट से मैदान में उतारा था। संदेशखाली इलाका इसी लोकसभा के तहत है। वीडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसने अंग्रेजी में लिखी एक शिकायत पर बिना समझे हस्ताक्षर कर दिए थे। उसमें लिखा था कि शाहजहां शेख समेत तृणमूल कांग्रेस के तीन नेताओं ने उसके साथ बलात्कार किया है। उस महिला ने बलात्कार की घटना से साफ इंकार किया है।

संदेशखाली की घटना से बैकफुट पर आई तृणमूल कांग्रेस इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा के प्रति आक्रामक हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी एक चुनावी रैली में कहा है कि यह वीडियो भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। यह बंगाल को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश है।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस वीडियो को फर्जी करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने एक ट्वीट में उस नेता गंगाधर कयाल का एक वीडियो पोस्ट किया है। उसमें वह कहता नजर आ रहा है कि स्टिंग आपरेश वाले वीडियो में उसकी आवाज विकृत की गई है यानी वह उसकी आवाज नहीं है। शुभेंदु ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसे बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। उन्होंने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल इस वीडियो का सत्यापन होना बाकी है। इसे बनाने वाले लोगों के नाम भी सामने नहीं आए हैं। लेकिन अगर इसमें जरा भी सच्चाई है तो इससे चुनाव के बाकी चरणो में भाजपा को नुकसान हो सकता है। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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