जिंदगी कभी-कभी सचमुच एक अंजीर के पेड़ जैसी लगती है। हर डाल पर एक अलग संभावना लटकती रहती है- कोई भविष्य प्रेम से भरा होता है, कोई अकेलेपन से, कोई नाम और प्रसिद्धि का वादा करता है, तो कोई सिर्फ शांति का। हम उन सबको एक साथ छू लेना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे भीतर का कवि भी जीवित रहे, प्रेमी भी, यात्री भी, विचारक भी, और वह बच्चा भी, जो अब तक दुनिया को हैरानी से देखता है। लेकिन समय हमेशा इतना उदार नहीं होता।
मैंने खुद को उस अंजीर के पेड़ की डालियों के बीच बैठा हुआ पाया - भूख से मरते हुए, सिर्फ इसलिए, क्योंकि मैं यह तय नहीं कर पा रही थी कि इन अंजीरों में से मैं किसे चुनूं। मैं उन सभी को पाना चाहती थी, हर एक को, लेकिन किसी एक को चुनने का मतलब था बाकी सबको खो देना। और जब मैं वहां बैठी, कुछ भी तय न कर पाने की हालत में, तो वे अंजीर सिकुड़ने लगे और काले पड़ने लगे; और फिर, एक-एक करके, वे मेरे पैरों के पास जमीन पर टपक पड़े।
हम में से हर व्यक्ति अपने भीतर कई जीवन लेकर चलता है। एक जीवन वह है, जो समाज हमसे चाहता है। एक वह, जो परिवार देखना चाहता है। एक वह, जो प्रेम में जन्म लेता है। और एक बहुत गहरा, बहुत निजी जीवन, जिसे शायद सिर्फ हम खुद जानते हैं। हम अक्सर सबसे अच्छा निर्णय लेना चाहते हैं। जब हम विकल्पों का विश्लेषण करते हैं, तो हमें लगता है कि शायद कल कोई बेहतर विकल्प मिल जाए। यह ‘बेहतर की चाह’ ही हमें ‘अभी’ निर्णय लेने से रोकती है। हमें हर दिशा सुंदर लगती है। हर सपना थोड़ा-थोड़ा अपना लगता है। लेकिन जीवन की सबसे कठिन सच्चाइयों में से एक यह है कि सब कुछ एक साथ नहीं जिया जा सकता। जीवन का अर्थ सारे अंजीरों को बचा लेने में नहीं, बल्कि किसी एक को पूरे साहस के साथ चुन लेने में है। क्योंकि कुछ सपने सिर्फ हमारे होने का इंतजार करते हैं; वे पूर्णता नहीं मांगते, केवल उपस्थिति मांगते हैं। दुनिया में बहुत से लोग इसलिए दुखी नहीं हैं कि उनके पास अवसर कम थे, बल्कि इसलिए कि वे हमेशा ‘सही’ अवसर का इंतजार करते रहे। और इंतजार करते-करते मौसम बदल गया।
लेकिन इसमें भी एक सुंदरता है, यह जानना कि हम इतने विशाल हैं कि हमारे भीतर एक से अधिक जीवन जन्म ले सकते हैं। हर अधूरा सपना भी हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाता है। जो रास्ते हम नहीं चुनते, वे भी हमारी आत्मा में कहीं बसे रहते हैं, जैसे किसी पुराने शहर की भूली हुई गलियां। इसलिए जरूरी यह नहीं कि हम हर संभावना को पकड़ लें। अंत में जीवन उपलब्धियों की सूची नहीं बनता; बल्कि वह उन क्षणों की स्मृति बनता है, जहां हमने सचमुच महसूस किया था कि हम जीवित हैं।
सूत्र-किसी एक पथ को चुनें
कभी-कभी हम डर जाते हैं कि एक रास्ता चुनने का मतलब बाकी सभी संभावनाओं को खो देना होगा। पर सच यह है कि जीवन का सौंदर्य सब कुछ पा लेने में नहीं, बल्कि किसी एक सपने को पूरे साहस से जी लेने में है, क्योंकि अंत में याद यह नहीं रहता कि हमने कितने रास्ते देखे थे, बल्कि यह कि हमने किस रास्ते पर चलते हुए खुद को सचमुच जीवित महसूस किया था।
-द बेल जार के अनूदित अंश