दरअसल, फार्म में चल रहे दोनों ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स के खिलाफ बुमराह का पहला स्पेल मैच जिताने वाला था। पिछले मैच में भारतीय गेंदबाजों की जबरदस्त धुनाई करने वाले डेविड वार्नर और एरोन फिंच को जसप्रीत बुमराह ने बिलकुल रूम नहीं दिया कि वो कोई स्कवायर ऑफ विकेट शॉट खेल सके। अपने पहले स्पेल में बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन दिए, इसमें 2 मेडन ओवर थे। लेंथ और स्पीड के साथ बुमराह की नेचुरल अंदर आती गेंद एरोन फिंच को रूम नहीं दे रही थी, वही डेविड वार्नर को भी शॉट्स खेलने के लिए लेंथ और लाइन की वजह से रूम नहीं मिला। जसप्रीत बुमराह की राइट हैंड बैट्समैन के लिए कुछ गेंद सीधी निकलती है, जो उनका बड़ा हथियार बन चुकी है। राजकोट में आरोन फिंच के बाद स्टीव स्मिथ भी बीच बीच में बुमराह की इस गेंद पर बीट हुए। 40 ओवर के बाद गेंद रिवर्स भी हो रही थी क्योंकि गर्मी और पिच बहुत रफ थी। इसका फायदा बुमराह को भी मिला।
नवदीप सैनी और जसप्रीत बुमराह
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जसप्रीत बुमराह भारत के नंबर एक गेंदबाज हैं। वो गेंदबाजी यूनिट में टीम के कप्तान हैं। पिछले एक डेढ़ साल में वो भारतीय टीम की जीत की बड़ी वजह हैं। आईसीसी की रैंकिंग्स में उनका दबदबा है। विश्व कप के बाद से वो क्रिकेट से दूर था। श्रीलंका के खिलाफ हालिया टी-20 सीरीज से उन्होंने मैदान में वापसी तो की, लेकिन वो अपनी लय में नहीं दिखे। वो महंगे साबित हो रहे थे और उन्हें अपेक्षाकृत कामयाबी भी नहीं मिली थी। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वन-डे में उनके प्रदर्शन से ये बात साफ हो गई है कि बुमराह एक बार फिर अपनी धाक जमाने को तैयार है। उनके पास मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी जैसे साथी गेंदबाजों की टोली भी है। कंगारुओं के लिए 2019 का इतिहास दोहराना आसान नहीं होगा।
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