फिल्म सूराराई पोट्ट्रु का एक दृश्य
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माधवन कोच के रूप में कड़क है, मगर अपनी खूबसूरत मुस्कान से न केवल दर्शकों वरन नायिका का दिल भी जीत लेते हैं। इसीलिए मदि बनी अभिनेत्री रितिका फिल्म में कहती है ‘तुम भले ही बूढ़े खडूस मास्टर हो...मगर तुम्हारी मुस्कान गजब की प्यारी है।’ नासर ने जूनियर कोच के रूप में कमाल का अभिनय किया है उनकी हिन्दी सुनना अच्छा लगता है।
काली वेंकट की हिन्दी सुन कर आश्चर्य होता है, रितिका के पिता की भूमिका में उन्होंने डबिंग के लिए सटीक होंठ संचालन किया है। ज़ाकिर हुसैन ने खलनायक को साकार कर दिया है। कहने का मतलब है यदि आपको स्पोर्ट्स मूवीज पसंद है तो ‘साला खडूस’ अवश्य देखें।
तमिल फिल्म ‘सूराराई पोट्ट्रु’
2020 में सुधा ने एक बार फिर स्क्रीनप्ले और निर्देशन किया और एयर डेकन के संस्थापक जी. आर. गोपीनाथ के जीवन से प्रेरित हो कर ‘सूराराई पोट्ट्रु’ फिल्म तमिल में बनाई। फिल्म का नायक मारा (सूर्या) के सपने न केवल खुद उड़ने के हैं बल्कि वह हर सामान्य आदमी को हवाई यात्रा कराना चाहता है। मारा स्वयं एक सामान्य पृष्ठभूमि से आता है। फिल्म मार्क्सवाद, स्त्री-पुरुष समानता के आदर्शों को लेकार आगे बढ़ती है।
मारा सामाजिक भेदभाव के खिलाफ है, वह चाहता है कि न केवल अमीर हवाई यात्रा करें वरन हर सामान्य नागरिक भी उड़ान भर सके। उसकी चाहत की शुरुआत होती है जब वह अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसों की कमी के कारण जहाज से नहीं जा पाता है, वह प्रण करता है कि न केवल धरती पर वह आकाश में भी वर्ग समानता लाएगा। इसी दौरान वह भूमि (अपर्णा बालमुरली) से मिलता है। भूमि भी जिद की पक्की है, दोनों मिल कर पितृसत्ता से भी लड़ते हैं।
नेडुमारान मतलब मारा की इस जटिल यात्रा में कई बाधाएं आती हैं मगर उसकी लगन, परिश्रम तथा जिद एक दिन रंग लाती है। जितना ही उसे दबाने की कोशिश की जाती है उसकी जिद उतनी ही बढ़ती जाती है। वह संघर्ष से पीछे नहीं हटता है, घबराता नहीं है और एक दिन वह लो-कॉस्ट कैरियर लाइन स्थापित करने में सफल होता है।
इस फिल्म में हिन्दी फिल्मों के अभिनेता परेश रावेल भी हैं।
ढ़ाई घंटे की इस फिल्म का संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार ने दिया है और कैमरा संभाला है निकेत बोमीरेड्डी ने। फिल्म ‘सूराराई पोट्ट्रु’ ने अभी तक कुल 23 पुरस्कार हासिल किए हैं। इन पुरस्कारों में फिल्मफेयर साउथ पुरस्कार, नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (सर्वोत्तम स्क्रीनप्ले तथा सर्वोत्त्म फिल्म), इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेकबर्न (सूर्या को सर्वोत्तम अभिनेता) एवं सर्वोत्तम निर्देशन हेतु SIIMA पुरस्कार शामिल है।
आजकल सुधा कोंगारा तमिल फिल्म ‘सूराराई पोट्ट्रु’ को हिन्दी में बनाने में जुटी हुई हैं।
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