गुवाहाटी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज का तीसरा टी-20 मुकाबला भारत हार जरूर गया, लेकिन ऋतुराज दशरथ गायकवाड़ ने अपनी बैटिंग से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के होश उड़ा दिए और भारतीय फैन्स का भरपूर मनोरंजन किया। जिस समय ऋतुराज 23 गेंदों पर 24 रन बनाकर खेल रहे थे तो किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि अगली 34 गेंदों में 99 रन बना देंगे। खासकर ग्लेन मैक्सवेल, जो इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के हीरो रहे, के अंतिम ओवर में 30 रन ऋतुराज की बदौलत बने। ऋतुराज का भारतीय टीम में आना-जाना लगा रहता है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की दुनिया कायल है और उन्होंने बड़े-बड़े कीर्तिमान 26 साल की छोटी उम्र में खड़े कर दिए हैं।
गुवाहाटी में अपनी 123 रन की नाबाद पारी में ऋतुराज ने 7 छक्के और 13 चौके लगाए। यह उनका टी-20 में पहला शतक भी है। टी-20 में शुभमन गिल के बाद उनका भारत की ओर से अधिकतम स्कोर हो गया है। गिल ने इसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 126 नाबाद की पारी खेली थी, जबकि ऋतुराज से थोड़ा पीछे विराट कोहली हैं, जिन्होंने पिछले साल अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 122 रन बनाए थे।
गुवाहाटी में ऋतुराज शतक लगाकर टी-20 में शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के क्लब में भी शामिल हो गए और वो ऐसा करने वाले नौवें बल्लेबाज हैं। ऋतुराज से पहले सुरेश रैना, रोहित शर्मा, केएल राहुल, दीपक हुडा, सूर्यकुमार यादव, विराट कोहली, शुभमन गिल और यशस्वी जयसवाल यह काम कर चुके हैं।
टी-20 के अंतिम तीन ओवरों में भारत की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ऋतुराज अब युवराज सिंह से महज एक कदम पीछे हैं। युवराज सिंह ने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में अंतिम तीन ओवरों में 14 गेंदों पर 54 रन बनाए थे, जबकि ऋतुराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 13 गेंदों पर 52 रन बनाए। ऐसा करके वो किंग कोहली से भी आगे निकल गए हैं, जिन्होंने 2022 में अफगानिस्तान के खिलाफ अंतिम तीन ओवरों की 15 गेंदों पर 45 रन बनाए थे।
पुणे से आने वाले ऋतुराज के पिता डीआरडीओ में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां म्युनिसिपैलिटी स्कूल में अध्यापिका थीं। ऋतुराज के माता-पिता ने बेटे को कभी पढ़ाई पर बहुत ज्यादा जोर देने और क्रिकेट नहीं खेलने के लिए कहा। ऋतुराज ने क्रिकेट का क, ख, ग पुणे में ही सीखा। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था और 13 वर्ष की उम्र में महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड में दिलीप वेंगसरकर क्रिकेट अकादमी को उन्होंने ज्वाइन कर लिया था।
जहां तक क्रिकेट करियर की बात की जाए तो अक्टूबर 2016 में वो महाराष्ट्र की रणजी ट्रॉफी टीम में शामिल हुए और फरवरी 2017 में इंटरस्टेट टी-20 टूर्नामेंट में महाराष्ट्र के लिए डेब्यू किया। ऋतुराज ने 2021 में मुश्ताक अली ट्रॉफी में महाराष्ट्र की ओर से कप्तानी भी की। ऋतुराज के नाम एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड भी शामिल है, जब नवंबर 2022 में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच क्वार्टर फाइनल मैच में एक ओवर में सात छक्के लगाए थे। इसी एक ओवर में उन्होंने 43 रन बनाए थे और 159 गेंदों पर 220 रन बनाकर एक रिकॉर्ड कायम किया था।
ऋतुराज भारत के लिए वनडे और टी-20, दोनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं। अक्टूबर 2022 में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ लखनऊ में अपना पहला वनडे खेला था और जुलाई 2021 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टी-20 मुकाबला खेला था। हालांकि, वनडे में उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। चार मैचों में उन्होंने 106 नहीं बनाए, इसमें 71 रन अधिकतम हैं। टी-20 में जरूर होने 17 मैचों में 458 बनाए हैं।
ऋतुराज आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए ओपनिंग करते हैं और आईपीएल में उनके जबरदस्त रिकॉर्ड हैं। 2021 में उन्होंने आईपीएल में सर्वाधिक 635 रन बनाए थे और उन्हें ऑरेंज कैप और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। वो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लाडले खिलाड़ियों में भी शामिल हैं, जिन्हें धोनी भरपूर मौका देते हैं। भारतीय क्रिकेट टीम इनदिनों बदलाव के दौर से गुजर रही है और वर्ल्ड कप के बाद बहुत संभावना है कि कई खिलाड़ी अगले कुछ सालों में रिटायरमेंट ले लें। ऐसे में ऋतुराज जैसे खिलाड़ियों को भारत के लिए लंबी पारी खेलने का मौका मिलेगा। खासकर टी-20 और वनडे मैचों में उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया है तो उम्मीद है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी मौका मिलेगा। ऋतुराज निश्चित रूप से लंबी रेस के घोड़े हैं।
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