शेखर सुमन: राजू का जो मेरा सबसे पसंदीदा कॉमेडी एक्ट रहा, वह है एक टीवी न्यूज रिपोर्टर का उस शख्स का इंटरव्यू लेना जो अपनी तरफ बम फेंके जाने के बाद भी जीवित बच गया।
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राजू का कॉमेडी का अंदाज अलग था
राजू श्रीवास्तव ने तमाम किरदारों को शोहरत बख्शी। गजोधर के बारे में सब जानते ही हैं। लेकिन, उनके अंदर उससे बड़ी खूबी थी निर्जीव वस्तुओं के आसपास कुदरती माहौल गढ़कर उनसे भी हास्य पैदा कर देने की। बरात में लोगों के खाना खाते समय खाने की प्लेट में चावल, नान, दाल और दूसरी चीजों के आपस में बातें करने वाला उनका एक्ट लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा में रहा।
राजू का जो मेरा सबसे पसंदीदा कॉमेडी एक्ट रहा, वह है एक टीवी न्यूज रिपोर्टर का उस शख्स का इंटरव्यू लेना जो अपनी तरफ बम फेंके जाने के बाद भी जीवित बच गया। उसकी वह जो एक लाइन है, ‘मैं बम हूं, मैं फटूं?’ उसे कहने का उनका अंदाज उनके चाहने वाले कभी नहीं भूल पाएंगे।
राजू श्रीवास्तव अपने पूरे करियर में अमिताभ बच्चन से खासे प्रभावित रहे। उन्हें शायद ये लगता भी था वह मिस्टर बच्चन जैसे दिखते भी हैं। राजू ने उनकी हेयरस्टाइल से लेकर उनके बोलने, बतियाने और चलने फिरने का ढंग तक अपनी शख्सियत में अपना लिया था। मंच पर राजू का आना अपने आप में एक अविस्मरणीय क्षण होता था।
लोग कुछ देर के लिए भूल जाते थे कि वह कोई शो देख रहे हैं, दर्शकों को लगता था कि ये सब उनके अपने घर में, अपने ड्राइंग रूम में हो रहा है। उनका नाता सीधे असली भारत से था और वह इस देश की नब्ज को गुदगुदाने का हुनर जान गए थे।