राज कपूर का संगीत से जुड़ाव
इप्टा से जुड़े राज कपूर अपनी फिल्मों में कोरस गान का प्रयोग करते थे। उन्हें लोक की जानकारी थी, वे स्वयं संगीत से जुड़े हुए थे, कई वाद्य यंत्र बखूबी बजा सकते थे। उन्हें लोक गीत, वाद्यों का महत्व ज्ञात था। अपनी फिल्मों में उन्होंने गोआ के लोक गीत का प्रयोग ‘बॉबी’ में किया है। और-तो-और उन्होंने रूसी लोक गीत-संगीत का प्रयोग किया है। बिहार और पंजाब का लोक गीत उनके यहां मिलता है। इसी तरह उनकी फिल्मों में हम ढोलक, बांसुरी जैसे लोक वाद्य का प्रयोग देखते हैं। नाविक गीत और समूह में नाविकों को परदे पर गाते दिखा कर वे लोक (मास) से जुड़ते हैं।
गरीबी में भी खुश रहते आम आदमी की छवि वे प्रस्तुत करते हैं। परदे पर उनकी शांत एवं मधुर आवाज सीधे दर्शक के दिल पर असर करता है। उनका दिल दर्शक के दिल से जुड़ा है, हम तुझसे मोहब्बत करके सनम...’ देखते हुए किस दर्शक की आंखें नम न हो जाएंगी।
वे समय और समाज की नब्ज पहचानते थे। समाजिक कथानक उनके दिल के करीब थे। गरीबी, बेरोजगारी, अन्याय, वर्ग जनित खाई को वे अपनी में पिरोते हैं। राष्ट्रीय एकता, देश प्रेम उनकी फिल्मों की कहानियों में नजर आता है। आज भी ये मुद्दे समाज में वर्तमान हैं, इसलिए राज कपूर की फिल्में समसामयिक हैं।
चार्ली चैपलिन बहुत लोकप्रिय निर्देशक और अभिनेता हैं। राज कपूर चार्ली चैपलिन के मुरीद थे। ‘आवारा’, ‘श्री 420’, ‘मेरा नाम जोकर’ में खुद उन्होंने चार्ली की अभिनय शैली कई फिल्मों में अपनाई, पर अपनी छाप बरकरार रखी है। ‘सिटी लाइट’, ‘द किड’ के कई दृश्यों का हू-ब--हू प्रयोग उन्होंने अपनी फिल्मों में किया है।
अगर वे गुजर नहीं जाते तो कई फिल्म की योजना उनके पास थी, वे ‘मैं और मेरा दोस्त’, ‘द हिन्दु’, ‘मेक अप उतारो’ जैसी और कई फिल्में निर्देशित करना चाहते थे।
उनकी लोकप्रियता का एक और उदाहरण है, राज कपूर को 1971 में भारत सरकार ने तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान किया। भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहले पिता-पुत्र हैं, यह जिन्हें दिया गया। राज कपर से पहले पृथ्वीराज कपूर को 1969 में यह मिला था। वैसे उनके भाई शशि कपूर को भी 2011 में यह सम्मान प्राप्त हुआ।
उनकी लोकप्रियता इस बात से भी आंकी जा सकती है कि 2013 में भारतीय सिनेमा के शताब्दी वर्ष में यू. के. की ईस्टर्न आई मैगजीन ने बॉलीवुड के महान अभिनेताओं में छठवें स्थान पर रखा था। 2001 में स्टार स्क्रीन अवार्ड्स के दौरान उन्हें ‘बेस्ट डयरेक्टर ऑफ द मिलेनियम’ का खिताब दिया।
अभी आने वाले समय में राज कपूर की लोकप्रियता और बढ़ेगी।
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