फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले कर कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करते लोग

विज्ञापन
मुरादाबाद में पुलिस की टीम पर महिलाओं ने पथराव कर दिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

राजस्थान के टोंक शहर के कसाइयों के मोहल्ले में गस्त कर रहे पुलिस के जवानों पर अचानक कुछ लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर के नागफनी थाना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित व्यक्ति के परिवार को क्वारंटीन करने के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम पर महिलाओं सहित कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इस हमले में दो डॉक्टर सहित चिकित्सा व पुलिस विभाग के कई लोग घायल हुए थे।

हमला करने के आरोप में 10 पुरुष और 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इंदौर के टाटपट्टी बाखल में कोरोना पाजिटिव से संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए गए पांच सदस्यीय चिकित्सा दल पर लोगों ने पत्थरबाजी कर दी जिसमें दो महिला डॉक्टर व कई चिकित्सा कर्मी घायल हो गए थे। घटना में शामिल कई लोगों को जेल भेजा गया है।
विज्ञापन


बिहार में मुंगेर के हजरतगंज इलाके में पुलिस, चिकित्साकर्मियों की टीम पर लोगों ने पत्थरबाजी की। लोगों ने पुलिस और चिकित्साकर्मियों पर उस समय हमला किया, जब वे कोरोना वायरस संक्रमितों का नमूना लेने गए थे।

पत्थरबाजी से पुलिस वाहनों को भारी नुकसान हुआ व कई पुलिस कर्मी घायल भी हुए। महाराष्ट्र के शोलापुर में दिल्ली जमात से लौटे लोगों की सूचना देने पर एक व्यक्ति की कथित रूप से पिटाई की गई।

घटनानुसार पिंपरी गांव के ग्रामसेवक ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले सात लोगों की जानकारी प्रशासन को दी थी और उनकी कोरोना वायरस की जांच कराने पर भी जोर दिया था, जिससे नाराज होकर ग्राम सेवक की पिटाई कर दी गई।

अधिकांश घटनाओं में दोषी लागों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है...

चिकित्सा कर्मियों व पुलिस बल पर हमला करने की निंदा की जा रही है - फोटो : अमर उजाला
हैदराबाद के सरकारी अस्पताल में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मरे 49 वर्षीय मरीज के रिश्तेदार ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और अन्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया।

कर्नाटक के मंगलुरु के नयातारपू गांव में दो पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मी पर हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जब दो पुलिस जवान और स्वास्थ्य कर्मी गांव के घर में अलग रखे गए व्यक्ति को बिना किसी एहतियात के घूमने पर सवाल किया तो उसने उन पर हमला कर दिया।

बेंगलुरु में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर सर्वे करने गए थे, जहां पर उनके साथ बदसलूकी की गई।  

घटना की निंदा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने कहा है की डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनकी इज्जत करें। उन पर हमला हुआ तो चुप नहीं बैठूंगा।

बिहार में मधुबनी जिले में, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में, मुजफ्फरनगर में जब लॉकडाउन का पालन कराने की बात पर लोगों ने पुलिस पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। आजकल देश के हर प्रदेशों में ऐसी घटनाएं प्रतिदिन देखने को मिल रही हैं।

इनमें से अधिकांश घटनाओं में दोषी लागों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में तो सरकारी कर्मचारियों के साथ बेवजह मारपीट करने वालों के खिलाफ रासुका में केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।

कोरोना वायरस से बचाने में दिनरात जुटे चिकित्सा कर्मियों व पुलिस बल पर हमला करने की घटनाओं की हर कहीं निंदा की जा रही है।

मुंबई में कर्फ्यू लागू होने के बावजूद हजारों की भीड़ एक जगह एकत्रित हो गई...

मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में लोगों की भीड़ सड़क पर आ जाती है
मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में अचानक हजारों लागों की भीड़ सड़क पर आ जाती है। मुंबई में कर्फ्यू लागू होने व पग-पग पर पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद हजारों की भीड़ एक जगह एकत्रित हो जाना सरकार की विफलता दर्शाता है।

हालांकि पुलिस ने भीड़ को भड़का कर एक जगह इक्कठा करने के आरोप में एक टीवी पत्रकार, एक उत्तर भारतीय नेता सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है।

इससे पूर्व सूरत में सैकड़ों लोग अच्छा भोजन देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर जाते हैं, जिन्हें बड़ी मुश्किल से पुलिस शांत कर पाई थी।

लाकडाउन के दो दिन बाद दिल्ली का नजारा तो पूरे देश ने देखा ही था। जहां लाखो लोग अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश सीमा पर एकत्रित हो गए थे। उस समय दिल्ली सरकार पर आरोप लगा था कि आप पार्टी के नेता व विधायको ने अफवाह फैला कर लोगों को घर से भागने पर मजबूर किया था।

डीटीसी की बसों में लागों को भर-भर कर उत्तर प्रदेश की सीमा तक छोड़ने की फोटो छपी थी। उस समय उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल हजारों बसो की व्यवस्था कर लागों को उनके घरों तक भेजा था, फिर भी काफी लोग वहीं फंसे रह गए। उक्त प्रकरण में केजरीवाल सरकार को काफी बदनामी झेलनी पड़ी थी।

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से देशवासियों को बचाने के लिए जब केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॅाकडाउन लागू कर रखा था, तब कई प्रदेशों में लॅाकडाउन को तोडने वाली ऐसी घटनाएं लॅाकडाउन के मकसद को असफल ही करती हैं।

यातायात के साधन बंद होने के उपरांत आज भी काफी संख्या में...

लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ जा रहे हैं
लॉक डाउन के समय ही केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को कहा था कि उनके यहां प्रवासी व अन्य जरूरतमंद लोगों को आवास, भोजन, पानी, चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था करवाएं, ताकि देशव्यापी लॅाकडाउन में फंसे लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़े।

मगर फिर भी राज्य सरकारों की लापरवाही के चलते देशभर में लाखों लागों ने लॅाकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर अपने घरो की तरफ पलायन किया। यातायात के साधन बंद होने के उपरांत आज भी काफी संख्या में लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ जा रहे हैं। उनको कहीं रोका नहीं जा रहा है। कई जिला प्रशासन तो जानबूझकर लोगों को निकलने दे रहा है, ताकि उनको लोगों के खाने रहने की व्यवस्था ना करनी पड़े।

इन दिनों कई जगह देखने को मिल रहा है कि लॅाकडाउन के दौरान दूसरे स्थानों से आए बहुत से लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे लागों ने अपने घर पहुंचने के बाद अपनी जांच करवाना उचित नहीं समझा। जिस कारण उनके संपर्क में आने से उनके कई परिजन भी कोरोना संक्रमित हो जाते हैं।
विज्ञापन

राजनीतिक दलों के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को भी अपने घरों से बाहर निकलकर...

सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें
आज हर देशवासी को चाहिए की सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें। राजनीतिक दलों के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को भी अपने घरों से बाहर निकलकर लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए व जरूरतमंद लोगों की खुलकर मदद करनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों के सक्रिय होने से चिकित्सा कर्मियों व पुलिस दलों पर हमले की घटनाएं भी बंद हो जाएंगी। अपने साथ जनप्रतिनिधियों को पाकर लोगों का मनाबल बढ़ेगा। राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व पर्यटन मंत्री महाराजा विश्वेन्द्र सिंह प्रारंभ से ही अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहकर लोगों की हर संभव मदद करने में लगे हैं।

पर्यटन मंत्री महाराजा विश्वेन्द्र सिंह तो प्रतिदिन भरतपुर जिले के कई गांवो में जाकर लोगों से मिल कर उनकी समस्याओं का समधधान भी करवा रहें हैं, जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है। ऐसा ही अन्य जनप्रतिनिधियों को भी करना चाहिए। ताकि हर जगह व्यवस्था सुचारू बन सके।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें