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ब्लॉग: शोक मनाना भी आना चाहिए

Sun, 22 Feb 2026 05:57 AM IST
लव गौर डारनेल लैमोंट वॉकर

सार

अक्सर शोक को काले रंगों व उदासी के रूप में चित्रित किया जाता है, पर यह सिर्फ गमगीन होने का नाम नहीं, बल्कि यह हमारी यादों को संजोए रखने का एक सलीका है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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लॉस एंजेलिस के एक हुक्का लाउंज में मार्कस मेरे पास आकर बैठा और पूछा कि क्या आप वही हैं, जो लोगों की मरने में मदद करते हैं? दरअसल, मैं पेशे से डेथ साइकोलॉजिस्ट हूं। यह एक ऐसा प्रशिक्षित और संवेदनशील व्यक्ति होता है, जो किसी इन्सान को जीवन के अंतिम पड़ाव पर भावनात्मक और मानवीय सहारा देता है। मैंने शांत स्वर में कहा, ‘हां, पर मैं किसी की जान नहीं लेता, बल्कि अंतिम पलों में उसका साथ देता हूं।’
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मार्कस की आंखों में एक अनकहा बोझ था, इसलिए हम शोर से दूर एक शांत बूथ में जा बैठे। उसने अपने पिता कीथ की कहानी सुनाई, जो दक्षिण कैरोलिना की मिट्टी से जुड़े, रिश्तों को सबसे ऊपर रखने वाले जिंदादिल इन्सान थे। वह हर व्यक्ति को नाम से जानते, हालचाल पूछते, पड़ोसियों के टमाटरों की तारीफ करते और यह सुनिश्चित करते कि उनके इलाके में कोई भूखा न सोए। कीथ के निधन के बाद मार्कस को अपराधबोध था कि वह उतना दुख क्यों नहीं महसूस कर पा रहा, जितना कि वह समझता है कि उसे होना चाहिए।

मैं यह सवाल अक्सर सुनता हूं। पर सच यह है कि शोक की कोई तय पटकथा नहीं होती। अपनी बात समझाने के लिए मैंने दो अनुभव उसके साथ साझा किए। पहला अलीशा का, जिसने अपनी प्रिय आंटी के निधन पर आंसू नहीं बहाए। आंटी की मौत के बाद अलीशा ने खुद को बागवानी के काम में डुबो दिया, जबकि उसे बागवानी का ‘ब’ भी नहीं मालूम था। अलीशा से मैंने सीखा कि शोक हमेशा आंसुओं में नहीं बहता, वह कभी-कभी बागवानी का रूप भी ले लेता है। दूसरी, कार्लटन की कहानी, जिसे अंतिम संस्कार से जुड़ा कोई संदेश मिलता या सोशल मीडिया पर ‘शोक संवेदना’ का संदेश दिखता, वह दौड़ने लगता। कार्लटन से मैंने सीखा कि शोक का एक चेहरा दौड़ना भी हो सकता है। तब मार्कस को एहसास हुआ कि वह अभी तक जो कुछ भी करता आया, वे सब भी शोक के ही रूप थे।
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अक्सर शोक को गहरे काले रंगों और भारी-भरकम उदासी के रूप में चित्रित किया जाता है, पर यह सिर्फ गमगीन होने का नाम नहीं है, बल्कि यादों को संजोए रखने का एक सलीका है। यह शांत पलों में भी छिपा होता है। यह उस गाने को कार में तेज आवाज में गाते हुए महसूस होता है, जो आपको आपके प्रिय की याद दिलाता है। सच तो यह है कि शोक, प्रेम का ही एक हिस्सा है, और प्रेम सिर्फ उदासी का नाम नहीं है। ©The New York Times 2026
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