बारिश वातावरण में खुशी और शांति फैलाती है। चेहरे पर मुस्कान ले आती है बरखा। कुदरत की इन फुहारों को इंज्वाए कीजिए।
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यह बादल जीवन के लिए रस लेकर आते हैं। इस रस से यह धरती को भिगो देंगे। यह रस से जीवन खिल उठेगा। यह रस पेड़-पौधों को ही नहीं धरती पर बसे हर जीव को जीवन देते हैं। शायद ही कोई जीव हो जो इन बादलों को देखकर उल्लास से न भरते हों। जीवन के लिए हवा के बाद पानी सबसे जरूरी तत्व है।
मेघ ही जीवन के लिए पानी ले कर आते हैं। जाने कहां-कहां से। घूमते-घामते आते हैं। जीवन के लिए मेह बरसाते हैं। यह मेह धरती की कोख में समा जाता है। तालाब और झीलों में भर जाता है। नदियों में समा जाता है। इस से जीवन को गति मिलती जाती है।
आप महसूस कीजिए, जब काले काले बादल आते हैं तो कैसे बहुत सारे पशु पक्षी उन का स्वागत करते हैं। मोर की क्याऊं-क्याऊं सुनिए। वह उल्लास से भर जाते हैं। खुशी से नृत्य करने लगते हैं। आप चिड़ियों को देखिए वह आसमान पर पंख फैला कर यूं तैरने लगती हैं, जैसे स्वागत कर रही हों। मेंढक भी ताल-तलैयों में टर्र-टर्र करने लगते हैं। कहते हैं मेंढक बादलों से बारिश की गुजारिश करते हैं।
बारिश वातावरण में खुशी और शांति फैलाती है। चेहरे पर मुस्कान ले आती है बरखा। कुदरत की इन फुहारों को इंज्वाए कीजिए। दोस्तों को बुलाइए उन के साथ बालकनी या लॉन के शेड के नीचे बैठ कर गप्पें लड़ाइए। यह बरखा रानी अपने साथ फुरसत के लम्हे ले कर आती हैं। जब बारिश हो रही हो तो बाहर निकलने के ज्यादातर काम मुलतवी हो जाते हैं। ऐसे फुरसत भरे लम्हे भला कब मिलते हैं। ऐसे में अदरक वाली चाय और पकौड़ों के साथ गप्पें मारना, बहुत मजा देता है। इस मौके का भरपूर आनंद लीजिए। महसूस कीजिए लॉन में छाई खुशहाली को। लॉन की घास पर चमकती बूंदों को देखिए। फूलों पर टपकती बूंदों को उंगली पर लेकर महसूस कीजिए।
हवा के साथ आती फुहारों को हाथों से छू कर देखिए। यह नन्हीं बूंदें कुदरत का अनुपम उपहार हैं। यह छोटी बूंदे पूरी कायनात को भिगो देती हैं। अपनी आगोश में समेट लेती हैं। जीवन में खुशहाली भर देती हैं। अपने हाथों पर अपने चेहरे पर इन बूंदों की ठंडक को फील कीजिए।
बारिश की भीनी-भीनी महक और ठंडी फुहारें आप को तरोताजा कर देंगी। इन की पवित्रता को महसूस कीजिए। इन की चमक को निहारिए। यह हजारों हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद आप से मिलने के लिए पहुंची हैं।
घर के बाहर लगे पेड़ के पत्तों पर गिरती बूंदों का यह संगीत अद्भुत है।
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बालकनी में खड़े हो कर उन बच्चों को देखिए, जो गड्ढों में जमा पानी में छई छपा छई का खेल खेल रहे हैं। एक दूसरे पर पानी फेंक रहे हैं। घर में मम्मी डाटेंगी, यह उन्हें खूब पता है, लेकिन बारिश के पानी के साथ उनका यह खेल उस मीठी डांटे से भी ज्यादा मीठा है। आप को कुछ बच्चे मेंढक के छोटे-छोटे बच्चों का पीछा करते दिख जाएंगे। यह सब आप ने भी तो किया है।
खिड़की या बालकनी पर खड़े हो कर बाहर की तरफ देखिए। बारिश के संगीत को सुनिए। घर के बाहर लगे पेड़ के पत्तों पर गिरती बूंदों का यह संगीत अद्भुत है। आंखें बंद करके इस संगीत को सुनने की कोशिश कीजिए। मन को बहुत शांति मिलेगी। इन बूंदों का संगीत रात को ज्यादा साफ सुनाई देता है।
बिस्तर पर लेटे हुए गिरती बूंदों का यह संगीत महसूस कीजिए। छतों पर बूंदों के गिरने का संगीत। खिड़की के शीशे पर बूंदों के बिखरने का संगीत। पेड़ों पर हवा के साथ सरसराती बूंदों का संगीत। टिप टिप का यह संगीत अनोखा है। यह बारिश का अद्भुत संगीत है। यह संगीत निराला है। यह संगीत सुमधुर है। यह संगीत जीवन का संगीत है। इस संगीत को कानों को पीने दीजिए। जी लीजिए इस संगीत को। पी लीजिए इस संगीत को।
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