मिथुन अपने काम से काम रखने वाले शख्स हैं।
- फोटो : Amar Ujala
मिथुन चक्रवर्ती के जिस बंगले में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जाने की चर्चा इन दिनों जमाने में आम है, उसमें मेरा जाना कई बार हुआ। मिथुन अपने काम से काम रखने वाले इंसान है। कोई 13-14 साल पहले मिथुन पर मेरी बनाई एक डॉक्यूमेंट्री जी न्यूज पर प्रसारित हुई तो टीआरपी चार्ट में इसके नंबर देख तब जी के मुख्यालय में हलचल मच गई थी।
मुंबई से कोलकाता फोन गया। वहां से फोन मेरे पास आया। मिथुन ने तब टीवी पर काम करने को लेकर मुझसे लंबा सलाह मशविरा किया था। मैंने उन्हें 'आई एम ए डिस्को डांसर' डांस रियलिटी शो करने का सुझाव दिया।
जी ने इसी विचार पर उनके साथ पहले 'डांस बांग्ला डांस' और फिर 'डांस इंडिया डांस' बनाया। मिथुन का ये बड़प्पन रहा कि उस समय जी के प्रोग्रामिंग हेड रहे आशीष गोलवलकर को हां करने से पहले उन्होंने मुझसे इजाजत मांगी, क्योंकि इस डांस रियलिटी शो का मूल विचार मेरा ही था।
ये मिथुन के फिल्मी करियर का पुनर्जीवन था। मिथुन लंबे समय तक सिनेमा की सियासत में शामिल रहे हैं। सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के वह सबसे लोकप्रिय अध्यक्ष रहे हैं। बीजेपी अब उनका नया घर है। देश की सियासत में उनका अब नवजीवन हो रहा है। प्रधानमंत्री के पैर छूकर इसका संकेत भी उन्होंने खुद दे दिया है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।