वे आपके घर में हो सकती हैं और आपके शहर में भी। वे आपके परिवार का हिस्सा हो सकती हैं और समाज का भी। वे हमारी ही दुनिया का हिस्सा हैं और हम उनका हिस्सा। दरअसल, उन्होंने ही इस दुनिया को बनाया है, हमारे लिए और हम उन्हीं की बनाई दुनिया में जी रहे हैं।
तेलंगाना का शादनगर इस देश में दिल्ली की तरह ही एक दर्दनाक इतिहास के रूप में कैद हुआ है। हम शादनगर की लड़की और दिल्ली की निर्भया को इस देश की उन तमाम लड़कियों की आखिरी आवाज की तरह याद रखेंगे, जहां कभी न लौट पाने का डर हमेशा मौजूद रहेगा। न्याय की उम्मीद में, उम्मीद है कि वह जल्द मिलेगा।
तेलंगाना की निर्भया! तुम्हें भावभींनी श्रद्धांजलि। तुम्हारे डर से हम शर्मिंदा हैं और तुम्हारे जाने से हम शोक में हैं।
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