सकारात्मक चिंतन का अर्थ वास्तविकता से आंखें मूंद लेना कतई नहीं होता। इसका अर्थ यह भी नहीं है कि समस्या को समस्या न माना जाए। इसका अर्थ है, समस्या को स्वीकार करते हुए भी आशा को न छोड़ना। जैसे किसी जहाज का कप्तान समुद्र के तूफान को रोक नहीं सकता, पर वह अपनी दिशा बनाए रख सकता है। ठीक उसी तरह आप जीवन की सभी परिस्थितियों को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन अपनी मानसिक प्रतिक्रिया को अवश्य नियंत्रित कर सकते हैं।