कंगना रनौत और उद्धव ठाकरे- फाइल फोटो
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कहते हैं कि महाराष्ट्र पर कोरोना की मार सबसे भयंकर रही है। कई लाख मामले तो अकेले वहीं से आ चुके हैं। सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं। लेकिन पिछले तीन महीनों से बॉलीवुड खुद एक दिलचस्प थ्रिलर की तरह टीवी के परदे पर छाया हुआ है।
बड़े-बड़े स्टार दुबके हुए हैं। सत्ता और पुलिस अपना घिनौना चेहरा दिखा रही है। कंगना का ऑफिस नेस्तनाबूत हो चुका है। संजय राउत, उद्धव ठाकरे सीधे-सीधे निशाने पर हैं।
इसे बीजेपी का खेल भी बताया जा रहा है। लेकिन सबसे बुरी हालत कांग्रेस की है। उसने वहां सरकार तो बनवा ली, लेकिन शिवसेना के इस खेल में उसने अपनी रही सही इमेज भी खत्म कर ली। अब उसे ये निवाला न निगलते बन रहा है, न उगलते।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत और इसके पीछे के खेल ने सबकुछ सामने ला दिया है। जांच एजेंसियां हों, पुलिस हो, सरकार हो, मराठी बनाम गैर मराठियों की जंग हो, बॉलीवुड माफिया हो, अंडरवर्ल्ड हो, ड्रग्स का कारोबार हो, बिहार चुनाव हो या फिर कोरोना हो... सब के सब एंगल आपको इस खेल में नज़र आ रहे होंगे।
लोग घर बैठे लॉकडाउन से ऊब चुके हैं। बॉलीवुड से मोह भंग हो चुका है। फिल्म देखने का मन नहीं होता। बाजार में नौकरियां नहीं हैं। आलू पचास रूपए किलो बिक रहा है। पेट्रोल- डीजल की तो पूछिए ही मत।
अस्पताल में सिर्फ कोरोना-कोरोना हो रहा है। कोई दूसरा डॉक्टर मिल भी जाए तो उसकी फीस बढ़ चुकी है। लोग क्या करें, समझ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार के लिए भी ये तमाशे फायदेमंद हैं- चीन हो, पाकिस्तान हो, नेपाल हो, राम मंदिर हो, और अब तो सबसे दिलचस्प एक युवा अभिनेता की मौत हो, रिया चक्रवर्ती हो, कंगना रनौत हो।
चैनल तो अपना काम कर ही रहे हैं। ऐसे में मन की बात करना और देसी खिलौने बनाने से बेहतर भला क्या हो सकता है।
बहरहाल फिलहाल कंगना और महाराष्ट्र सरकार की जंग का आनंद लीजिए। बुरा- भला कहिए। एक सितारे की मौत के बाद तमाम तरह के मीडिया ट्रायल देखिए। कभी रिया का कांफिडेंस देखिए तो कभी कंगना की बहादुरी देखिए।
कभी एनसीबी तो कभी सीबीआई। कभी पेंगांग तो कभी पूर्वी लद्दाख। कभी एलओसी तो कभी एलएसी। अद्भुत है कोरोना काल और देश का मिजाज। अभी ये कहानियां लंबी चलेंगी। बॉलीवुड तो वैसे भी सबसे ज्यादा दिलचस्पी पैदा करने वाली एक ग्लैमरस दुनिया रही है, जब फिल्म वहीं की चल रही हो तो कोरोना काल में इससे दिलचस्प भला क्या हो सकता है। आनंद लीजिए।
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