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जीवन धारा: अपनी सोच से जिंदगी को आनंदमय बनाएं, खुद पर विश्वास रखना ही अहम सूत्र

सार

अगर मैं यह मानने को तैयार हूं कि प्रेम सर्वत्र है, और मैं प्रेमयोग्य हूं, तो यह एक दिन सच हो जाएगा। हमें समस्याओं का नहीं, बल्कि अपनी सोच का समाधान करना चाहिए।
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अपनी सोच से जिंदगी को आनंदमय बनाएं, खुद पर विश्वास रखना जरूरी - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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जीवन वास्तव में बहुत ही सरल है। हम जो देते हैं, वही हमें वापस मिलता है। हम अपने बारे में जो सोचते हैं, वही हमारे लिए सच्चाई बन जाती है। मेरा मानना है कि हर कोई, जिसमें मैं भी शामिल हूं, हमारे जीवन की सबसे अच्छी और सबसे बुरी चीज के लिए जिम्मेदार है। हर विचार, जो हम सोचते हैं, हमारे भविष्य को बना रहा है। हममें से हर कोई अपने विचारों और भावनाओं से अपने अनुभव रचता है।

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हम जो सोचते हैं और जो शब्द बोलते हैं, वे हमारे अनुभवों का निर्माण करते हैं। हम परिस्थितियां खुद बनाते हैं, और फिर अपनी हताशा के लिए दूसरे को दोषी ठहराकर अपनी शक्ति खो देते हैं। किसी भी व्यक्ति, स्थान और वस्तु का हम पर कोई प्रभाव नहीं है, क्योंकि ‘हम’ ही इसके एकमात्र विचारक हैं। जब हम अपने मन में शांति, सद्भाव और संतुलन पैदा करते हैं, तो हम इसे अपने जीवन में पा लेते हैं।

इनमें से कौन-सा कथन आपको पसंद आता है? ‘लोग मुझे पकड़ने की कोशिश में लगे रहते हैं।’ दूसरा, ‘हर कोई हमेशा मददगार होता है।’ इनमें से हर एक विश्वास बिल्कुल अलग अनुभव पैदा करेगा। हम अपने बारे में और जीवन के बारे में जो विश्वास करते हैं, वही हमारे लिए सच हो जाता है। ब्रह्मांड हमारे हर विचार में, जिसे हम सोचना और मानना चुनते हैं, हमारा पूरा साथ देता है।
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दूसरे शब्दों में, हमारा अवचेतन मन, हम जो भी विश्वास करना चुनते हैं, उसे स्वीकार कर लेता है। इन दोनों का मतलब है कि मैं अपने बारे में और जीवन के बारे में जो विश्वास करती हूं, वही मेरे लिए सच हो जाता है। आप अपने बारे में और जीवन के बारे में जो सोचना चुनते हैं, वही आपके लिए सच हो जाता है। हमारे पास सोचने के असीमित विकल्प होते हैं। चुनना समझदारी भरा होता है।

जीवन में सब कुछ हमारे या किसी दूसरे के अनुसार नहीं चलता है। लेकिन जीवन में हम क्या सोचते हैं और किस पर सबसे ज्यादा विश्वास रखते हैं, यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। सार्वभौमिक शक्ति कभी हमारी आलोचना नहीं करती। वह हमें केवल हमारे मूल्य पर ही स्वीकार करती है। फिर यह जीवन में हमारे विश्वासों को प्रतिबिंबित करती है। अगर मैं यह मानना चाहती हूं कि मैं जीवन में अकेली हूं और कोई मुझसे प्यार नहीं करता, तो मुझे अपनी दुनिया में यही मिलेगा। अगर मैं इस विश्वास को छोड़ने और यह मानने को तैयार हूं कि प्रेम सर्वत्र है, और मैं प्रेमपूर्ण और प्रेमयोग्य हूं, तो यह एक दिन सच हो जाएगा।

हमें समस्याओं का नहीं, बल्कि अपनी सोच का समाधान करना चाहिए। फिर समस्याएं अपने आप ठीक हो जाएंगी। हमें सबसे अद्भुत उपहार मिला है, हमारा मन। हम सोच सकते हैं और विचारों से अपनी दुनिया को आकार दे सकते हैं। शक्ति का केंद्र हमेशा वर्तमान क्षण में होता है। अतीत से सीखें और वर्तमान में जिएं। हम विश्वासों से अपनी वास्तविकता का निर्माण कर सकते हैं। आनंद, प्रेम और लोगों की भलाई करना चुनें। 

सूत्र- खुद पर विश्वास रखें
जीवन में सब कुछ हमारे या किसी दूसरे के अनुसार नहीं चलता है। लेकिन जीवन में हम क्या सोचते हैं और किस पर सबसे ज्यादा विश्वास रखते हैं, यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। जो हम सोचते हैं, एक समय बाद वही बन जाते हैं। आपको किसी मंजिल पर पहुंचना हो, तो खुद पर विश्वास रखें और हमेशा अच्छा सोचें।

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