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जीवन धारा: विचारों की खूबसूरती हमें सुंदर बनाती है

Thu, 27 Aug 2026 07:05 AM IST
निर्मल कांत राल्फ वाल्डो इमर्सन

सार

ज्ञान हमें योग्य बनाता है, परंतु अच्छा आचरण हमें प्रिय और सम्मानित बनाता है। यही कारण है कि एक साधारण व्यक्ति भी अच्छे विचारों के जरिये अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना सकता है।  
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जीवन धारा - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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मनुष्य केवल अपनी वाणी से ही अपने व्यक्तित्व को प्रकट नहीं करता, बल्कि उसका हावभाव, चाल-ढाल, बैठने-उठने का ढंग और दूसरों के प्रति उसका व्यवहार भी उसके भीतर छिपे विचारों और संस्कारों को व्यक्त करते हैं। वाणी के बिना भी व्यक्ति बहुत कुछ कह सकता है। यही मौन भाषा उसके व्यवहार में दिखाई देती है। व्यवहार वास्तव में विचारों का शरीर में प्रवेश कर जाना है। हमारे विचार हमारे पूरे व्यक्तित्व की गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। अच्छा व्यवहार केवल बाहरी सजावट नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर की गुणवत्ता का प्रतिबिंब है।
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जिस प्रकार किसी कार्य को करने का एक श्रेष्ठ तरीका हो सकता है, उसी प्रकार जीवन में प्रत्येक कार्य को गरिमा, सहजता और प्रेम के साथ करने का भी एक श्रेष्ठ तरीका होता है। यही सुंदर व्यवहार है। शिष्टाचार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह छोटी-छोटी बातों को भी सुंदर बना देता है। किसी को सम्मानपूर्वक संबोधित करना, ध्यान से सुनना, समय का मूल्य समझना, विनम्रता से बोलना, आवश्यकता के समय सहायता करना और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना, ऐसे छोटे व्यवहार हैं, जो व्यक्ति के चरित्र को ऊंचा उठाते हैं। प्रारंभ में ये बातें सचेत अभ्यास से सीखी जाती हैं, लेकिन निरंतर अभ्यास के बाद ये मनुष्य के स्वभाव का हिस्सा बन जाती हैं। तब शिष्टाचार जीवन पर ऐसी सुंदर परत चढ़ा देता है, जो उसके सामान्य कार्यों को भी आकर्षक बना देती है। वास्तव में, शिष्टाचार कोई दिखावा नहीं, बल्कि मनुष्य की आंतरिक संस्कृति का सहज प्रकाश है।

अच्छे व्यवहार की शक्ति निरंतर बनी रहती है। धन, सौंदर्य, पद या प्रतिभा व्यक्ति को कुछ अवसर दे सकते हैं, लेकिन सच्चा शिष्टाचार उसे लोगों के हृदय में स्थान दिलाता है। अच्छे संस्कार व्यक्ति के लिए ऐसे द्वार खोल सकते हैं, जिन्हें केवल धन या बाहरी आकर्षण से खोल पाना संभव नहीं। यही कारण है कि व्यवहार मनुष्य की सबसे बड़ी सामाजिक पूंजी बन जाता है। एक साधारण व्यक्ति भी अच्छे विचारों के जरिये अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना सकता है। इसके लिए केवल अभ्यास, सजगता और दूसरों के प्रति सम्मान की आवश्यकता होती है। ज्ञान हमें योग्य बनाता है, परंतु अच्छा आचरण हमें प्रिय और सम्मानित बनाता है। इसलिए, हमें अपने शब्दों के साथ-साथ व्यवहार को भी सुंदर बनाना चाहिए। मधुर वाणी, विनम्रता, आत्मविश्वास, सहानुभूति और सम्मान को जीवन का हिस्सा बनाकर हम न केवल अपना व्यक्तित्व निखार सकते हैं, बल्कि अपने आसपास के वातावरण को भी अधिक मानवीय और सुंदर बना सकते हैं। सच्ची सफलता केवल यह नहीं कि लोग हमें कितना जानते हैं, बल्कि यह भी है कि वे हमारे साथ रहकर कैसा अनुभव करते हैं। जब विचार अच्छे हों, भावनाएं निर्मल हों व व्यवहार में विनम्रता हो, तब व्यक्तित्व स्वतः प्रभावशाली बन जाता है।      
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-द कंडक्ट ऑफ लाइफ के अनूदित अंश
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