लू वित्त वर्ष खत्म होने में कुछ ही दिन बचे हैं और 31 मार्च, 2024 आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की आखिरी तारीख है। अगर आपने किसी वजह से आकलन वर्ष 2021-22 का आईटीआर अब तक नहीं भरा है या उसमें किसी आय की जानकारी देना भूल गए हैं तो 31 मार्च तक अपडेटेड आईटीआर (आईटीआर-यू) जरूर भरें।
संबंधित आकलन वर्ष खत्म होने के 24 महीने के भीतर अपडेटेड रिटर्न भरना होता है। इसके लिए कुछ नियम एवं शर्तें हैं। 31 मार्च, 2024 तक अपडेटेड रिटर्न भरने पर कोई जुर्माना और शुल्क नहीं लगेगा। लेकिन, आयकर कानून की धारा 140बी के तहत अतिरिक्त कर का भुगतान करना पड़ता है।
देना होगा 50% तक अतिरिक्त कर
संबंधित आकलन वर्ष खत्म होने के 12 माह के भीतर अगर आप अपडेटेड आईटीआर भरते हैं तो बचे हुए टैक्स पर आपको अतिरिक्त 25 फीसदी कर चुकाना होगा। यही काम संबंधित आकलन वर्ष खत्म होने के 24 महीने के अंदर करने पर अतिरिक्त 50 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि आकलन वर्ष 2021-22 का अपडेटेड रिटर्न भरने पर आपको अतिरिक्त 50 फीसदी कर चुकाना होगा।
नहीं तो झेलना होगा नुकसान
अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने के लिए आपको उस आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा, जिसे आयकर विभाग ने संबंधित आकलन वर्ष के लिए अधिसूचित किया है। अगर आप रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो वर्तमान वित्त वर्ष के नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकेंगे।
ऐसे कर सकते हैं कर की गणना
कुल कर देनदारी की गणना के लिए जरूरी है कि आपको जितना कर चुकाना है, उसे ब्याज, देरी से रिटर्न भरने पर लगने वाले शुल्क और अतिरिक्त कर के साथ जोड़ लें। कुल जोड़ के बाद जितनी रकम आएगी, वही आपकी कुल कर देनदारी होगी।
शुद्ध कर देनदारी की गणना करते समय कुल देनदारी (उपरोक्त) में से अग्रिम कर/ टीडीएस/टीसीएस/कर छूट को घटा लें। इस गणना के बाद जो भी रकम आएगी, वह आपकी शुद्ध कर देनदारी होगी।
कई मामलों में हो सकती है कार्रवाई
चार्टर्ड अकाउंटेंट अतुल गर्ग का कहना है कि अगर आप 31 मार्च, 2024 तक अपडेटेड रिटर्न नहीं भरते हैं तो कुल कर देनदारी पर अतिरिक्त कर के साथ आयकर विभाग जुर्माना भी लगा सकता है। यह जुर्माना आकलित कर का कम-से-कम 50 फीसदी और अधिकतम 200 फीसदी हो सकता है। इसके अलावा, आयकर विभाग अत्यधिक और उच्च मूल्य वाले मामलों में कार्रवाई भी कर सकता है।