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आईपीएल-2019 के सामने है ये नया संकट, ऐसे बढ़ेंगी आयोजन की मुश्किलें?

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आंकड़ों पर गौर करें तो आईपीएल से दर्शक दूरी बनाते जा रहे हैं। - फोटो : File Photo
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क्रिकेट विधा का सबसे विवादित संस्करण इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल एक बार फिर मैदान में उतरने के लिए तैयार हो चुका है। भ्रष्टाचार, मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी के अलावा आईपीएल के दामन में कई दाग लगे हैं। इसे खत्म करने की भी मांग बीच में उठती रही है, लेकिन आईपीएल कमाई का ऐसा जरिया बन चुका है, जिससे किसी का मोह ही नहीं छूट रहा।

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सीजन 5 से लेकर पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो दर्शकों ने इस खेल से लगातार दूरी बनाते जा रहे हैं, बावजूद इसके आयोजक आईपीएल को चलाए जा रहे हैं। पिछले दो संस्करणों से नीरसता ज्यादा बढ़ी है। आईपीएल-12 का आयोजन इस बार आम चुनाव और क्रिकेट विश्व कप के वक्त किया जा रहा है इसलिए निश्चित है कि दर्शक इस बार ज्यादा रुचि नहीं लेंगे। 

विवादों के बीच दरकिनार 
खैर, पूर्व के विवादों पर ध्यान न देते हुए टीम मालिकों ने क्रिकेट की मंडी में एक बार फिर देशी-विदेशी खिलाड़ियों की नीलामी मेले में अपने खिलाड़ियों की बोलियां लगा दी। टीम प्रबंधकों ने अपने-अपने पंसद के खिलाड़ियों पर बोली लगाकर आईपीएल के 12वें संस्करण के लिए खरीददारी कर टीमों का चुनाव कर लिया है। अगले साल आयोजित होने वाले आईपीएल के नये एडीशन के लिए जयपुर में सैकड़ों क्रिकेट खिलाड़ियों की नीलामी हुई।
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पिछले साल की तरह आईपीएल-12 के सीजन में भी आठ टीमें भाग लेंगी जिसमें करीब 350 खिलाड़ी खेलेंगे। क्रिकेट पंडितों की मानें तो आगामी आईपीएल आयोजन का रंग कुछ फीका रहने की उम्मीद है, क्योंकि कई वरिष्ठ खिलाड़ी इस सीजन से दूरी बनाए हुए हैं। बता दें कि मई माह से ही आईसीसी विश्वकप का महाकुंभ शुरू होगा। सीनियर खिलाड़ियों ने विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर ऐसा फैसला लिया। कुछ खिलाड़ी फिटनेस के चलते भाग नहीं ले रहे। और कुछ की बोली नहीं लग सकी, इसलिए आयोजकों की सबकी बड़ी परीक्षा दर्शकों को एकत्र करने की होगी। 

बिजनेस बन गया है आईपीएल 
आईपीएल को खेल से नहीं बल्कि सीधे व्यापार से जोड़कर देखा जाता है। चारो ओर धन की वर्षा होती है। खिलाड़ियों के अलावा क्रिकेट बोर्ड, प्रबंधक, सट्टेबाज, जुआरी आदि विभिन्न तरीकों से लोग इस खेल के जरिए पैसा कमाते हैं। आईपीएल के खेल की एक-एक गेंद पर लोग पैसों की बोली लगाते हैं। यही वजह है इस खेल का दिनों-दिन क्रेज खत्म होता जा रहा है।

कुछ खिलाड़ी तो ऐसे भी हैं जो सिर्फ आईपीएल के शुरू होने का इंजतार करते हैं, क्योंकि उनको नेशनल टीम में खेलने का तो मौका नहीं मिलता लेकिन एक-डेढ़ माह के आईपीएल में खेलकर अच्छा कमा लेते हैं। एक बात यह भी सच है इस खेल के जरिए कई खिलाड़ियों ने नेशनल टीम भी जगाह बनाई है। शुरूआती एक-दो संस्करण का क्रेज देशवासियों में सिर चढ़कर बोला, लेकिन जैसे ही इस खेल की असल सच्चाई सामने आई तो लोगों का मोह खत्म होता है। 

आईपीएल की चमक फीकी होने का एक कारण यह भी रहा है कि आईपीएल अपनी शुरुआत से लेकर अबतक भंयकर विवादों में घिरा रहा। - फोटो : Twitter
क्यों चमक हो रही फीकी? 
देखा जाए तो आईपीएल की चमक फीकी होने का एक कारण यह भी रहा है कि आईपीएल अपनी शुरुआत से लेकर अबतक भंयकर विवादों में घिरा रहा। इस बार कुछ बड़े खिलाड़ियों ने खुद रिटेन होने की अर्जी दी है। उनमें महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, मुरली विजय, रविंद्र जडेजा, केदार जाधव, अंबाती रायुडू, हरभजन सिंह, दीपक चाहर शामिल हैं।

इसके अलावा केएम आसिफ, कर्ण शर्मा, ध्रुव शौरी, मोनू कुमार, चैतन्य विश्नोई,एन जगदीशन, शार्दुल ठाकुर, मोहित शर्मा व ऋतुराज गायकवाड़ ने भी खुद की बोली लगाने के लिए आयोजकों से संपर्क किया। विदेशी खिलाड़ियों में सैम बिलिंग्स, इमरान ताहिर, फॉफ डुप्लेसी, मिचेल सेंटनर, डेविड विली, ड्वेन ब्रावो, शेन वॉटसन, लुंगी नगिडी आदि को रिटेन किया गया है।

युवा खिलाड़ी हैं केंद्र में 
प्रबंधकों ने इस बार युवा और नए खिलाड़ियों पर विश्वास जताया है। बड़े खिलाड़ियों को ज्यादा भाव नहीं दिया, जो कभी सबसे महंगे बिकते थे उनकी बोली सबसे कम लगाई गई। उनमें युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। युवराज कभी पंद्रह करोड़ में बिके थे लेकिन इस बार महज एक करोड़ में बिके। आयोजकों के लिए इस बार सबसे बड़ी चुनौती दर्शकों को जोड़ने की होगी, क्योंकि जिस वक्त आईपीएल शुरू होगा उसी वक्त देश में लोकसभा चुनाव और वर्ल्ड कप की गहमागहमी होगी। 

आईपीएल-2019 की नीलामी में अनकैप्ड खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती और जयदेव उनादकट सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। वरुण को 8.4 करोड़ रुपए में पंजाब ने और उनादकट को इतने ही रुपए में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। टीम प्रबंधक इस बार कुछ प्रयोग करना चाहते हैं इसलिए नीलामी में युवा खिलाड़ियों पर जोर दिखाया। नये खिलाड़ी शिवम दुबे को आरसीबी ने 5 करोड़ रुपए में खरीदा है तो वहीं 17 साल के प्रभसिमरन और 4.80 और 15 साल के प्रयास को 1.50 करोड़ में खरीदा गया।
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धुरंधरों की कीमत न लगने को आईपीएल इतिहास में बड़ा बदलाव कहा जा रहा है। - फोटो : File photo
क्यों मुश्किल में है टूर्नामेंट? 
इस बार कई खिलाड़ियों को खरीददारों ने नकारा है। इस बार वह क्रिकेटर बेभाव बिके हैं जिन्हें पिछले संस्करणों में कोई पूछता तक नहीं था। धुरंधरों की कीमत न लगने को आईपीएल इतिहास में बड़ा बदलाव कहा जा रहा है। इसबार अनकैप्ड प्लेयर्स दिग्गजों पर भारी पड़े। कह सकते हैं कि टीम मालिकों ने आईपीएल के इस सीजन में खिलाड़ियों के खरीदने का पैमाना पूरी तरह से बदल दिया। देखा जाए तो दर्शक भी अब आईपीएल में नए चेहरों को देखना चाहते हैं। सूत्र बताते हैं कि दशकों की चाहत को पूरा करने के लिए ही टीम मालिकों ने इस बार ये बदलाव किया है। 

गौरतलब है कि क्रिकेटप्रेमियों के अलावा बीसीसीआई और देश-दुनिया के क्रिकेट खिलाड़ियों को आईपीएल का इंतजार बेसब्री से रहता है। इंतजार हो भी क्यों न, लीग कमाई और शौहरत का जरिया जो बन गई है। इस खेल में खिलाड़ियों के लिए बेशुमार पैसा है। यही वजह है कि आईपीएल ने कई अनजान चेहरों को नई पहचान दी है।

दरअसल, लीग में चारों ओर पैसा बरसता है इसलिए हर कोई इस चमत्कारी आयोजन से जुड़कर अपनी जिंदगी बदलना चाहता है। पूर्व में लीग के 11 सेशन संपन्न हो चुके हैं। अब 12वें की बारी है। टीम प्रबंधकों ने आईपीएल-12 के लिए आयोजन में कुछ बदला किया है। टीम मालिकों ने ऐसे चेहरों को शामिल किया है जिनकी उम्मीद कोई नहीं कर सकता था। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.
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