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हैमिल्टन: न्यूजीलैंड का वह शहर, जहां के क्रिकेट फैंस भारतीयों से एकदम उलट हैं

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सीडेन पार्क, हैमिल्टन का क्रिकेट ग्राउंड - फोटो : ट्विटर
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स्थानीय समयानुसार दोपहर के 3 बजे से हैमिल्टन के सेडेन पार्क में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैच की वन-डे सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को शुरू होना था। मैं करीब 2 घंटे पहले ही मैदान पहुंच गया ये सोचकर कि भारत की तरह यहां भी मैच से पहले काफी ट्रैफिक और भीड़-भाड़ का सामना करना पड़ेगा। लेकिन, अपने होटल से मैदान की करीब 1 किलोमीटर की दूरी जब मैं टहलते हुए जा रहा था तो मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब से कुछ ही घंटे में यहां एक अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन होने वाला है।

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सड़कें शांत, गलियां वीरान। दूर-दूर तक दोनों में से किसी भी टीम के समर्थक नजर नहीं आ रहे थे। मैदान के करीब पहुंचा तो पता चला कि टीम इंडिया की बस आने वाली थी। आम-तौर पर जब टीम इंडिया कहीं पहुंचती है तो पूरा एरिया सुरक्षाकर्मियों से घिर जाता है।

आम जनता तो दूर की बात, उनके करीब मान्यता-प्राप्त पत्रकारों का भी पहुंचना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, यहां पर स्थिति बिलकुल अलग थी। मैं आराम से अपने बगल से एक के बाद करके रवि शास्त्री, विराट कोहली और टीम इंडिया के बाकि खिलाड़ियों को करीब से जाते देख रहा था।

गिनती के सिर्फ 4 भारतीय थोड़ी दूर पर खड़े थे। वो भी किसी तरह चीख-चिल्ला नहीं रहें थे और न ही उत्साह का जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल, मुझे इस बात का आभास पिछले दिन ही हो चुका था कि इस मैदान पर बहुत ज्यादा शोर-शराबा और हलचल नहीं दिखेगी।

मैदान के पिछले हिस्से में दोनों टीमें मंगलवार को अभ्यास कर रहीं थी। नेट-प्रैक्टिस की जगह सड़क से बिलकुल समीप थी जहां कोई भी अभ्यास देखने के लिए पहुंच सकता था। लेकिन, वहां भी गिनती के लोग ही थे। विराट कोहली जब अपनी प्रैक्टिस खत्म करके वापस लौट रहे थे तो एक दर्शक ने उनसे कहा कि सेल्फी। कोहली ने हंसते हुए उनसे कहा कि क्या मैं कैमरा अपनी जेब में लेकर चलूं।

कोहली धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगे और उस भारतीय दर्शक ने सम्मान करते हुए वहीं पर खड़ा रह गया। ना किसी तरह की शिकायत ना कोई मायूसी। मुझे तो इस नजारे पर यकीन ही नहीं हुआ। क्या ऐसा भी हो सकता है। आप कोहली से 1 मीटर से भी कम दूरी पर रहकर उनका अभिवादन कर रहें हैं, बातें कर रहें हैं और सेल्फी नहीं मिलने के बाद भी मायूस नहीं होते हैं। दरअसल, ये जलवा न्यूजीलैंड जैसे शांत और छोटे मुल्क का है।

हैमिल्टन न्यूजीलैंड का 5वां सबसे बड़ा शहर है और सेडेन पार्क की क्षमता 10 हजार दर्शकों की है। लेकिन, जब मैच शुरु हुआ तो करीब 1000 लोग ही मैदान में उपस्थित थे। एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि शाम के 5 बजे के बाद भीड़ बढ़ जाएगी क्योंकि लोग ऑफिस खत्म होने के बाद मैच देखने पहुंचेगे। दर्शकों की संख्या बढ़ी जरूर, लेकिन मैदान खचाखच तब भी भरा नहीं दिखा। भारतीय दर्शकों का शोर शाम में जरूर बढ़ चुका था ऐसा लग रहा था कि मैच भारत में ही हो रहा है।

भारत में ही नेताओं के नाम पर स्टेडियम का नाम रखने की परंपरा ज्यादा है, लेकिन, अपवाद के तौर पर सीडेन पार्क के तौर न्यूजीलैंड में भी इसका एक उदाहरण है। हैमिल्टन का ये क्रिकेट मैदान यहां के
पूर्व प्रधानमंत्री रिचर्ड जॉन सीडेन के नाम पर पड़ा। ये मैदान बे ओवल की तरह बेहद खूबसूरत तो नहीं है, लेकिन पूरे मैच के दौरान माहौल ऐसा रहता है कि अगर मैदान के बाहर सड़क से आप गुजरें तो किसी को एहसास भी नहीं होगा कि मैच चल रहा है।

इस शहर का मौसम भी बड़ा मजेदार है। दोपहर के समय जब मैदान में हमलोग एंट्री कर रहे थे तो गर्मी का एहसास हो रहा था, लेकिन टीम इंडिया की बल्लेबाजी खत्म होते ही हमें अपना जैकेट पहनने की जरूरत आ पड़ी! यानि, हमेशा लैपटॉप बैग में सर्दी के एक कपड़े रखकर चलना काम आ रहा है। चलते-चलते आपको ये भी बता दूं कि जब भारतीय बल्लेबाजी के दौरान पावर-प्ले खत्म हुआ तो रोहित शर्मा चुपचाप अकेले स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे।
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अनफिट होने के चलते रोहित दौरे से बाहर हो चुके हैं। रोहित से स्टेडियम के बाहर मेरी मुलाकात होती है और जब मैनें उनका हाल-चाल पूछा और थोड़ा अफसोस जताया तो रोहित ने कहा सब ठीक है। ऐसा होता है। क्या करें। रोहित के चेहरे में ना तनाव था और ना ही किसी को कोसने का भाव। यही बात रोहित को बाकि खिलाड़ियों से जुदा करती है।

बेहद शालीन तरीके से रोहित ने किस्मत के फैसले को स्वीकार लिया है और जब वो अपनी कार में बैठ करके एयरपोर्ट का रुख कर रहे थे तो उनके करीब एक भी फैन नहीं था। कोई गहमागहमी नहीं थी। बिलकुल एक सामान्य विदाई। ऐसा न्यूजीलैंड के हैमिल्टन में ही मुमकिन था।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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