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Ind vs Eng Test series: आईपीएल खिलाड़ियों के दम पर टेस्ट मैच नहीं जीते जाते...

सार

Ind vs Eng Test series: लीड्स में भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के प्रथम मैच को 'कभी खुशी-कभी गम' वाला कह सकते हैं, क्योंकि मैच को देखकर कभी भारत तो कभी इंग्लैंड के प्रशंसक खुश या दुःखी हो रहे थे, लेकिन अंतिम दिन मैच के परिणाम ने बता दिया कि भारत अधूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड पहुंचा है।
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आईपीएल खिलाड़ियों के दम पर टेस्ट मैच नहीं जीते जाते - फोटो : ANI
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विस्तार
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लीड्स में भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के प्रथम मैच को 'कभी खुशी-कभी गम' वाला कह सकते हैं, क्योंकि मैच को देखकर कभी भारत तो कभी इंग्लैंड के प्रशंसक खुश या दुःखी हो रहे थे, लेकिन अंतिम दिन मैच के परिणाम ने बता दिया कि भारत अधूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड पहुंचा है। विशेष कर भारत की बल्लेबाजी का निचला क्रम बिल्कुल तैयार नहीं है। गेंदबाजी में धार नहीं दिख रही। क्या यह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का असर है या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से चयन में खामी रह गई है। 

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रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद एक नई टीम इंग्लैंड दौरे पर गई है, जिसमें अधिकांश खिलाड़ी आईपीएल खेलकर आए हैं। नए नवेले कप्तान शुभमन गिल ने शतक लगाकर शुभ शुरुआत तो की, लेकिन टेस्ट के नतीजे ने उनकी काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। यदि भारत की बैटिंग की बात की जाए तो पहली पारी में तीन शतक आने के बावजूद टीम इंडिया 471 रन बना सकी। 


निचले क्रम के बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन 

इस बात से पता चलता है कि जब शुभमन गिल का विकेट पहली पारी में 101.5 ओवर में गिरा था, तब भारत का स्कोर चार विकेट पर 430 रन था, लेकिन अगले 6 विकेट मात्र 11 ओवर में 40 रन जोड़कर गिर गए। भारत का निचला क्रम यदि थोड़ा समझदारी से बल्लेबाजी करता तो भारत 550-600 रन बनाकर मेजबानों को दबाव में ला सकता था। 

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निचले क्रम के बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन  - फोटो : ANI
पहली बारी में इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी अच्छी रही। उन्होंने करीब-करीब भारत के बराबर का स्कोर खड़ा कर दिया। भारत को पहली पारी में 6 रन की बढ़त मिली। भारत की दूसरी पारी की शुरुआत बहुत अच्छी तो नहीं रही, लेकिन केएल राहुल और ऋषभ पंत के शतक की बदौलत भारत 364 रन बनाने में कामयाब रहा। हालांकि, इस पारी में भी निचले क्रम ने बेहद निराश किया। कोई भी बल्लेबाज पिच पर जमकर खड़ा नहीं रह सका। इंग्लैंड को बैटिंग पिच पर 371 रन का एक आसान टारगेट मिला। उसने भारत के खिलाफ अपना दूसरा अधिकतम स्कोर का टारगेट आसानी से 5 विकेट हाथ में रहते हासिल कर लिया।  
 
केवल भारतीय बल्लेबाजी का निचला क्रम असफल नहीं रहा, बल्कि फिल्डिंग और गेंदबाजी ने भी निराश किया। पहली पारी में जसप्रीत बुमराह के पांच विकेट को छोड़ दिया जाए तो कोई भी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करता नहीं दिखा। प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने बेइंतहां रन लुटवाए। पहली पारी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 20 ओवर में 128 रन दे दिए।

शार्दुल ठाकुर ने भी 6 ओवर में 38 रन दिए। दूसरी पारी में भी यह दोनों गेंदबाज बहुत खर्चीले साबित हुए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 15 ओवर में 92 रन और शार्दुल ठाकुर ने 10 ओवर में 51 रन दे दिए। फिल्डर्स ने कई कैच छोड़े। इस बात को कप्तान शुभमन गिल ने भी स्वीकार किया। 
 
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बीसीसीआई को इस टेस्ट मैच से सबक लेने की जरूरत - फोटो : ANI
अब तक चर्चा यही थी कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ बहुत तगड़ी है। हमारे पास बेहतरीन खिलाड़ियों की लाइन लगी हुई है। सिलेक्टर्स को यह दिक्कत हो रही है कि वो किस खिलाड़ी को लें और किसे बाहर रखें। दुर्भाग्य यह है कि हमारे खिलाड़ी टी-20 के फॉर्मेट में अटक कर रह गए हैं। पिछले 9 टेस्ट मैचों में भारत ने 7 हारे हैं और एक जीता है, एक ड्रा रहा है। यदि प्रथम टेस्ट की प्लेइंग इलेवन पर नजर डालें तो यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, करुण नायर, रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा अभी आईपीएल में पसीना बहा रहे थे। टेस्ट क्रिकेट के अनुभव से ये अधिकांश खिलाड़ी दूर हैं। यदि तुक्का लग गया तो रन बन गए, नहीं तो नतीजा जो इंग्लैंड में हुआ है, वही सही है। 
 
बीसीसीआई को इस टेस्ट मैच से सबक लेने की जरूरत है। टी-20, वन-डे के अलावा टेस्ट क्रिकेट के लिए भी खिलाड़ियों को तैयार करना समय की मांग है। इस बार बीसीसीआई ने आईपीएल से ही टेस्ट टीम बना डाली। नतीजा इंग्लैंड में स्पष्ट नजर आ रहा है। सीरीज के अगले चार टेस्ट मैच भी टीम इंडिया के लिए आसान नहीं होंगे।

बीसीसीआई के लिए मौका है, वह टेस्ट क्रिकेट के मंझे खिलाड़ियों की ओर नजर डाले और उन्हें इंग्लैंड जाने का मौका दें, वरना इंग्लैंड में टीम इंडिया के लिए सीरीज को बचाना बेहद मुश्किल होगा।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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