आज ऑनलाइन गेम का कारोबार 200 बिलियन से ज्यादा का हो गया है। करीब 76 फीसदी बच्चे मोबाइल यूजर्स हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।
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200 बिलियन का ऑनलाइन गेम कारोबार
आज ऑनलाइन गेम का कारोबार 200 बिलियन से ज्यादा का हो गया है। करीब 76 फीसदी बच्चे मोबाइल यूजर्स हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। नाबालिग के फेसबुक पर बढ़ते फ्रेंड्स और उनकी सोशल मीडिया पर देर रात तक लगातार सक्रियता से मनोविकार, अवसाद, नींद न आने, सामाजिक अलगाव, साइबर धमकी, फेसबुक अवसाद, इंटरनेट की लत, आत्म सम्मान की कमी जैसी शिकायतें बढ़ी हैं।
इन विकारों से निपटने के लिए देश में पुनर्वास केंद्र तक संचालित हैं लेकिन वहां इक्के-दुक्के मामले ही पहुंच पाते हैं। ऑनलाइन गेम के लत में बच्चे टॉस्क के दौरान खुदकुशी तक करने लगे हैं। और अब तो लखनऊ में मां की हत्या की घटना ने न केवल मासूम की मासूमियत छीन ली बल्कि उसे अपराध की ओर भी धकेल दिया है।
जाहिर है यह समाज के लिए चिंताजनक स्थिति है। एम्स में तो हर सप्ताह ऐसे बच्चों के लिए ओपीडी क्लीनिक तक संचालित होने लगा है। एम्स के मनोचिकित्सक यतन पाल सिंह तो अब देश के हर जिले में ऐसे केंद्र और काउंसिलिंग की जरूरत महसूस कर रहे हैं। यदि समय रहते इस नये संकट से हम अपने बच्चों को नहीं उबार पाए तो लखनऊ जैसी घटनाओं का खतरा और बढ़ता जाएगा।
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