फिल्मों के मार्टिन लूथर किंग
फिल्मों के मार्टिन लूथर किंग कहे जाने वाले सिडनी ने ‘दिस लाइफ’, ‘द मेजर ऑफ ए मैन: ए स्प्रिचुअल ऑटोबायग्राफी’ उनकी आत्मकथाएं हैं। ‘सिडनी पोटियर: मैन, एक्टर, आइकॉन’ तथा ‘सिडनी पोटियर ब्लैक एंड व्हाइट: सिडनी पोटियर का 1960 के दशक में एक ब्लैक आइकॉन के रूप में उभरना’ उनकी जीवनी के नाम हैं। उन पर ‘सिडनी पोटियर: वन ब्राइट लाइट’ तथा ‘सिडनी पोटियर, हॉलीवुड में एक बाहरी व्यक्ति’ तथा ‘सिडनी’ नामक वृतचित्र बने। सिडनी ने ‘मोंटारो केन’ नाम से एक उपन्यास भी लिखा है।
‘ब्लैक पॉवर’ सिडनी ने नस्ल एवं राष्ट्र सम्मान को विस्तारित करते हुए अभिनेताओं की पीढ़ियों के लिए द्वार खोले। अभिनेता और निर्देशक सिडनी के काम में जमीन आसमान का अंतर रहा है। अभिनेता के रूप में वे विशिष्ट ड्रमैटिक अभिनेता रहे हैं, पर उनके द्वारा निर्देशित नौ फिल्मों में से 6 फिल्में कॉमेडी श्रेणी में आती हैं। कॉमेडी भी उनके व्यक्तित्व का एक आयाम है, जो इन फिल्मों में अभिव्यक्ति पाता है।
फिल्म ‘बक एंड द प्रीचर’
1972 की करीब पौने दो घंटे की फिल्म ‘बक एंड द प्रीचर’ उनकी पहली और एक प्रमुख फिल्म है। इसे उन्होंने जोसेफ सार्जेंट के सहयोग से निर्देशित किया है, साथ ही इस फिल्म में उन्होंने भूमिका भी की है। वे एक पूर्व सैनिक बक का अभिनय करते हैं। फिल्म में कुछ श्वेत धूर्त सवार हैं, जो अश्वेत समुदाय को नष्ट करने के अभियान पर हैं। बक राह में एक प्रचारक से मिलता है, दोनों साथ मिल कर सवारों के प्रमुख डेशे को मारने के अलावा और बहुत सारे कार्य करते हैं।
फिल्म अश्वेत सांस्कृतक इतिहास को प्रस्तुत करती है। लॉन्ग शॉट्स तथा हाई-एंगल शॉट्स द्वारा फिल्म लोकेशन के चट्टानी, रेतीले, समतल स्थानों के सौंदर्य को बखूबी पकड़ती है।
अगले साल यानी 1973 में सिडनी ने अकेले अपने निर्देशन में डेढ़ घंटे से कुछ ऊपर की फिल्म ‘ए वॉर्म दिसम्बर’ बनाई और इसमें अभिनय भी किया। इसके दूसरे अभिनेता एस्टर एंडरसन को एनए एसीपी के इमेज एवॉर्ड्स का आउटस्टैंडिंग अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसमें एक एफ्रो-अमेरिकन डॉक्टर लंदन में छुट्टियों के दौरान अफ्रीकी राजदूत की भतीजी के प्यार में पड़ जाता है। लेकिन वह लाइलाज बीमारी से जूझ रही थी।
इसके पहले अमेरिकी फिल्मों में अश्वेत स्त्री-पुरुष के प्रेम को प्रदर्शित करते नहीं देखा गया था। मगर यह विचार हॉलीवुड के लिए अजनबी था, अत: इस का प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। एफ्रो-अमेरिकी के लिए अभी राह आसान नहीं थी। इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस असफलता के बावजूद सिडनी पोटियर का हॉलीवुड में ऐसा दबदबा था कि उन्हें अगली फिल्म बनाने की, उसके आर्थिक सहयोग की अनुमति मिल गई।
ठीक एक साल बाद उन्होंने एकल निर्देशन में ‘अपटाउन सटर्डे नाइट’ बनाई। अभिनय तो उन्हें करना ही था, साथ में थे बिल कोस्बी तथा हैरी बेलाफोन्ट। जब मैडम जिनोबिया के हाई-क्लास क्लब जाने के लिए स्टीव और वॉरडेल अपने घरों से चुपचाप निकल कर वहां पहुंचते हैं, तो उनके साथ दुर्घटना होती है।
फिल्म में मैडम जिनोबिया (ली चैम्बरलिन) एक गैर कानूनी नाइटक्लब चलाती है, उस दिन क्लब लूट लिया जाता है और इनका पर्स जबरदस्ती छीन लिया जाता है। स्टीव जैक्सन (सिडनी पोटियर) के पर्स में एक जीती गई लॉटरी का टिकट था, तो दोनों उसे वापस पाने निकलते हैं। फिल्म में ‘बक एंड द प्रीचर’ की भांति अश्वेत संस्कृति चित्रित हैं।
सिडनी की तीन कॉमेडी फिल्में ऐसी हैं, जिनमें कथानक और संदेश की साम्यता है। तीनों फिल्मों की कास्ट में सिडनी पोटियर तथा बिल कोस्बी हैं। ये फिल्में हैं, ‘अपटाउन सटर्डे नाइट’, पांच पुस्कार जीतने वाली ‘लेट’एस डू इट अगैन’ (1975) तथा ‘ए पीस ऑफ दि एक्शन’ (1977)। ‘ए पीस ऑफ दि एक्शन’, ‘स्टिर क्रेज़ी’ तथा ‘हैंकी पैंकी’ के पीछा करने वाले दृश्य काफी मनोरंजक हैं।
अपनी फिल्मों के द्वारा सिडनी पोटियर ने दुनिया, खासतौर पर अमेरिकी दर्शकों का स्वभाव बदल कर रख दिया। अमेरिकी फिल्मों के इतिहास पर सिडनी पोटियर के बिना बात हो ही नहीं सकती है।
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