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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: सिडनी पोटियर- भविष्यदृष्टा

सार

सिडनी पोटियर ने अपने कार्य और व्यवहार से अमेरिकी तथा दुनिया के अन्य देशों के समाज का अश्वेतों के प्रति नजरिया बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया। वे अमेरिकी अश्वेतों का भविष्य देख पा रहे थे, उन्होंने अपने समय से आगे की फिल्म बना कर अश्वेतों को उचित स्थान दिलाने का कार्य किया। 
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सिनेमा के पीछे की दुनिया - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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अमेरिका में श्वेत वर्चस्व रहा है। बहुसत्तात्मक अमेरिकी समाज-संस्कृति में अश्वेत-अमेरिकन के लिए अपना स्थान बना पाना एक लंबी संघर्ष गाथा रही है। मगर उन्होंने अपने निरंतर प्रयास से यह कार्य कर दिखाया है। कानून तभी कारगर होता है, जब समाज का नजरिया बदलता है। लोगों के कार्य-व्यवहार से नजरिया बदलता है।

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सिडनी पोटियर ने अपने कार्य और व्यवहार से अमेरिकी तथा दुनिया के अन्य देशों के समाज का अश्वेतों के प्रति नजरिया बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया। वे अमेरिकी अश्वेतों का भविष्य देख पा रहे थे, उन्होंने अपने समय से आगे की फिल्म बना कर अश्वेतों को उचित स्थान दिलाने का कार्य किया। 

सात बच्चों में सबसे छोटे, सतमासा, भविष्यदृष्टा सिडनी पोटियर का जन्म 20 फरवरी 1927 को मियामी में एवलिन तथा रेजिनाल्ड पोटियर के घर में हुआ था, हालांकि वे लोग कैट आइलैंड, बहामाज के रहने वाले थे।
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उन्होंने स्वयं लिखा है, ‘एक कलाकार के रूप में मेरी जिम्मेदारी है और चूंकि मैं अश्वेत हूं, तो यह कलात्मक जिम्मेदारी उस समुदाय के प्रति है, जिसका नुमाइंदा मैं हूं।’ वे अपने समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते थे अत: उन्होंने न केवल अपने भले के लिए वरन अपने पूरे समाज के भले के लिए कार्य किया और अभिनेता एवं सिने-निर्देशक की भूमिका में खूब सफल रहे।


अभिनेता के रूप में उन्होंने अकादमी पुरस्कार जीता। इसके साथ उन्हें अभिनय एवं निर्देशन के कई अन्य पुरस्कार मिले, जिसमें गोल्डेन ग्लोब, बाफ्टा, ग्रैमी, टोनी आदि कुल 29 पुरस्कार प्राप्त हुए। उन्होंने 27 फिल्मों में अभिनय किया तथा 9 फिल्में निर्देशित की और सिने-संसार में एफ्रो-अमेरिकी जीवन को पूरी तरह बदल दिया।  

हॉलीवुड के स्वर्णयुग के सितारे सिडनी ने ‘ब्लैकबोर्ड जंगल’, ‘पोर्गी एंड बेस’, ‘ए रेजिन इन द सन’, ‘ए पैच ऑफ ब्लू’, ‘डेविड एंड लीसा’, ‘फ्री ऑफ इडेन’, ‘शूट टू किल’, ‘पैच ऑफ ब्लू’, ‘लिलीज ऑफ द फील्ड’, ‘एज ऑफ द सेटी’, ‘गुडबाई माई लेडी’, ‘गो मैन गू’, ‘नो वे आउट’, ‘क्राई, द बिलवड कंट्री’ आदि फिल्मों में बतौर अभिनेता काम किया।

‘गोस्ट डैड’, ‘फास्ट फॉर्वर्ड’, ‘हैंकी पैंकी’, ‘स्टिर क्रेजी’, ‘ए पीस ऑफ दि एक्शन’, ‘लेट’स डू इट अगैन’, ‘अपटाउन सटैर्डे नाइट’, ‘ए वॉर्म दिसम्बर’ तथा ‘बक एंड द प्रीचर’ उनके द्वारा निर्देशित फिल्में हैं। उन्होंने चार फिल्में प्रड्यूस भी कीं। साल 2001 में ‘द लास्ट ब्रिकमेकर इन अमेरिका’ उनके द्वारा अभिनीत अंतिम फिल्म (टीवी) थी। 6 जनवरी 2022 को कैलीफोर्निया में उनकी मृत्य हुई।

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सिनेमा का इतिहास - फोटो : istock

फिल्मों के मार्टिन लूथर किंग

फिल्मों के मार्टिन लूथर किंग कहे जाने वाले सिडनी ने ‘दिस लाइफ’, ‘द मेजर ऑफ ए मैन: ए स्प्रिचुअल ऑटोबायग्राफी’ उनकी आत्मकथाएं हैं। ‘सिडनी पोटियर: मैन, एक्टर, आइकॉन’ तथा ‘सिडनी पोटियर ब्लैक एंड व्हाइट: सिडनी पोटियर का 1960 के दशक में एक ब्लैक आइकॉन के रूप में उभरना’ उनकी जीवनी के नाम हैं। उन पर ‘सिडनी पोटियर: वन ब्राइट लाइट’ तथा ‘सिडनी पोटियर, हॉलीवुड में एक बाहरी व्यक्ति’ तथा ‘सिडनी’ नामक वृतचित्र बने। सिडनी ने ‘मोंटारो केन’ नाम से एक उपन्यास भी लिखा है।

‘ब्लैक पॉवर’ सिडनी ने नस्ल एवं राष्ट्र सम्मान को विस्तारित करते हुए अभिनेताओं की पीढ़ियों के लिए द्वार खोले। अभिनेता और निर्देशक सिडनी के काम में जमीन आसमान का अंतर रहा है। अभिनेता के रूप में वे विशिष्ट ड्रमैटिक अभिनेता रहे हैं, पर उनके द्वारा निर्देशित नौ फिल्मों में से 6 फिल्में कॉमेडी श्रेणी में आती हैं। कॉमेडी भी उनके व्यक्तित्व का एक आयाम है, जो इन फिल्मों में अभिव्यक्ति पाता है।


फिल्म ‘बक एंड द प्रीचर’

1972 की करीब पौने दो घंटे की फिल्म ‘बक एंड द प्रीचर’ उनकी पहली और एक प्रमुख फिल्म है। इसे उन्होंने जोसेफ सार्जेंट के सहयोग से निर्देशित किया है, साथ ही इस फिल्म में उन्होंने भूमिका भी की है। वे एक पूर्व सैनिक बक का अभिनय करते हैं। फिल्म में कुछ श्वेत धूर्त सवार हैं, जो अश्वेत समुदाय को नष्ट करने के अभियान पर हैं। बक राह में एक प्रचारक से मिलता है, दोनों साथ मिल कर सवारों के प्रमुख डेशे को मारने के अलावा और बहुत सारे कार्य करते हैं।

फिल्म अश्वेत सांस्कृतक इतिहास को प्रस्तुत करती है। लॉन्ग शॉट्स तथा हाई-एंगल शॉट्स द्वारा फिल्म लोकेशन के चट्टानी, रेतीले, समतल स्थानों के सौंदर्य को बखूबी पकड़ती है।

अगले साल यानी 1973 में सिडनी ने अकेले अपने निर्देशन में डेढ़ घंटे से कुछ ऊपर की फिल्म ‘ए वॉर्म दिसम्बर’ बनाई और इसमें अभिनय भी किया। इसके दूसरे अभिनेता एस्टर एंडरसन को एनए एसीपी के इमेज एवॉर्ड्स का आउटस्टैंडिंग अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसमें एक एफ्रो-अमेरिकन डॉक्टर लंदन में छुट्टियों के दौरान अफ्रीकी राजदूत की भतीजी के प्यार में पड़ जाता है। लेकिन वह लाइलाज बीमारी से जूझ रही थी।

इसके पहले अमेरिकी फिल्मों में अश्वेत स्त्री-पुरुष के प्रेम को प्रदर्शित करते नहीं देखा गया था। मगर यह विचार हॉलीवुड के लिए अजनबी था, अत: इस का प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। एफ्रो-अमेरिकी के लिए अभी राह आसान नहीं थी। इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस असफलता के बावजूद सिडनी पोटियर का हॉलीवुड में ऐसा दबदबा था कि उन्हें अगली फिल्म बनाने की, उसके आर्थिक सहयोग की अनुमति मिल गई।

ठीक एक साल बाद उन्होंने एकल निर्देशन में ‘अपटाउन सटर्डे नाइट’ बनाई। अभिनय तो उन्हें करना ही था, साथ में थे बिल कोस्बी तथा हैरी बेलाफोन्ट। जब मैडम जिनोबिया के हाई-क्लास क्लब जाने के लिए स्टीव और वॉरडेल अपने घरों से चुपचाप निकल कर वहां पहुंचते हैं, तो उनके साथ दुर्घटना होती है।

फिल्म में मैडम जिनोबिया (ली चैम्बरलिन) एक गैर कानूनी नाइटक्लब चलाती है, उस दिन क्लब लूट लिया जाता है और इनका पर्स जबरदस्ती छीन लिया जाता है। स्टीव जैक्सन (सिडनी पोटियर) के पर्स में एक जीती गई लॉटरी का टिकट था, तो दोनों उसे वापस पाने निकलते हैं। फिल्म में ‘बक एंड द प्रीचर’ की भांति अश्वेत संस्कृति चित्रित हैं।

सिडनी की तीन कॉमेडी फिल्में ऐसी हैं, जिनमें कथानक और संदेश की साम्यता है। तीनों फिल्मों की कास्ट में सिडनी पोटियर तथा बिल कोस्बी हैं। ये फिल्में हैं, ‘अपटाउन सटर्डे नाइट’, पांच पुस्कार जीतने वाली ‘लेट’एस डू इट अगैन’ (1975) तथा ‘ए पीस ऑफ दि एक्शन’ (1977)। ‘ए पीस ऑफ दि एक्शन’, ‘स्टिर क्रेज़ी’ तथा ‘हैंकी पैंकी’ के पीछा करने वाले दृश्य काफी मनोरंजक हैं। 

अपनी फिल्मों के द्वारा सिडनी पोटियर ने दुनिया, खासतौर पर अमेरिकी दर्शकों का स्वभाव बदल कर रख दिया। अमेरिकी फिल्मों के इतिहास पर सिडनी पोटियर के बिना बात हो ही नहीं सकती है।


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