नोरा एफ्रॉन की अपनी पसंददीदा फिल्म 1958 की ‘इन्डिस्क्रीट’ (स्टैनली डॉनेन निर्देशित) है, जिसमें कैरी ग्रांट तथा इंग्रिड बर्गमैन ने अभिनय किया है। वे खुद ‘यू हैव गॉट मेल’ के लिए भी जानी जाती हैं। 6 पुरस्कार लेने वाली 1998 की दो घंटे की यह फिल्म स्वीट रोमांटिक कॉमेडी की श्रेणी में आती है। जो फॉक्स (टॉम हैंक्स) किताब स्टोर की एक चेन चलाता है, उसका नवीनतम स्टोर न्यू यॉर्क में खुलने वाला है। बगल में एक छोटा बुक स्टोर कैथलीन केली (मेग रायन) चलाती है, जिसे नए स्टोर से खतरा है और वे दुश्मन बन जाते हैं। सब कुछ बिना एक-दूसरे को देखे हो रहा है, जबकि देख कर, मिल कर वे प्रेम में हैं।
जैसे ‘व्हेन हैरी मेट सैली’ की सैली पत्रकार बनना चाहती है, नोरा भी स्क्रीनप्ले राइटर बनने के पूर्व एक पत्रकार थीं। उनके स्क्रीनप्ले में उनका जीवन शामिल होता है। उनका लेख ‘क्रेजी सलाद’ खूब लोकप्रिय हुआ था और इतना ही नहीं उन्होंने 1983 में ‘हार्टबर्न’ नाम से एक उपन्यास भी लिखा था। उनके पात्र पात्र न लग कर जीते-जागते मनुष्य लगते हैं।
स्लीपलेस इन सीटल
टॉम हैंक्स की दोस्त नोरा एफ्रॉन अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की स्क्रीनप्ले राइटर थी। उनके अभिभावक भी यही काम करते थे। उनकी मां कहा करती थीं, जीवन की त्रासदी एक दिन कॉमेडी कहानी की संभावना रखती है। यही वे ‘स्लीपलेस इन सीटल’ के अपने स्क्रीनप्ले में दिखाती हैं।
चार पुरस्कार जीतने वाली इस फिल्म में भी मेग रायन (एनी रीड) तथा टॉम हैंक्स (सैम बॉल्डविन) मुख्य भूमिका में हैं। इस कॉमेडी-ड्रामा-रोमांस फिल्म में आज के सोशल मीडिया (रेडियो टॉक-शो) द्वारा एक बेटा हाल में विधुर हुए अपने पिता के लिए साथी की तलाश में है। इस बार प्यार का माध्यम रेडियो बनता है।
नायक सीटल में और नायिका बाल्टीमोर में यानी महादेश के दो छोर पर हैं और उनमें प्रेम होता है। प्यार किसी भी बाधा को पार करने की कूबत रखता है। पौने दो घंटे कैसे बीत जाते हैं, दर्शक नहीं जान पाता है।
नोरा ने इसका स्क्रीनप्ले कहानी के लेखक जेफ आर्च तथा डेविड एस. वार्ड के साथ मिल कर लिखा था। नोरा एफ्रॉन का मानना है कि जब आप किसी के साथ रहना तय करते हैं, तो यह काम आप शीघ्रातिशीघ्र करना चाहते हैं। इस फिल्म को देखते हुए आपको पिछली सदी की फिल्म ‘एन अफेयर टू रिमेंबर’ की याद आना स्वाभाविक है।
अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप ने उनकी लिखी तीन फिल्मों ‘सिल्कवुड’, ‘हार्टबर्न’ तथा ‘जूली एंड जूली’ में काम किया। नोरा की मां बहुत अच्छा खाना बनाती थीं। ‘जूली एंड जूली’ में जूली नाम की दो स्त्रियां हैं, एक ब्लॉगर है, तो दूसरी कुकिंग प्रोफेशन में है। यह फिल्म 26 पुरस्कार बटोर ले गई।
‘जूली एंड जूली’ फिल्म की प्रसिद्धि वाली नोरा एफ्रॉन की मृत्यु ब्लड तथा बोन मैरो कैंसर की जटिलता के साथ निमोनिया से हुई। वे न्यूयॉर्क सिटी में 26 जून 2012 को गुजरीं। अपनी बीमारी की बात उन्होंने केवल कुछ करीबी लोगों को बताई थी।
तीन बार ऑस्कार के लिए नामित नोरा एफ्रॉन ने 8 फिल्में भी निर्देशित कीं। उनका मानना था कि जो लोग शुरु में सुंदर नहीं होते हैं उम्र के साथ खूबसूरत होते जाते हैं और ऐसे लोगों में वे खुद को गिनती थीं।
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