लीना वर्टम्यूलर और फिल्में
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बहुत लंबे शीर्षक वाली फिल्में
लीना वर्टम्यूलर बहुत प्रतिभाशाली निर्देशक हैं। कई बार लीना की फिल्म का शीर्षक बहुत लंबा होता है, जैसे उनकी 1978 की एक फिल्म का टाइटिल है, ‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’। अगर वे टैलेंटेड नहीं होती तो वार्नर ब्रदर्स कभी उन्हें फिल्म बनाने का दायित्व न सौंपते।
वार्नर ब्रदर्स ने उन्हें चार फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। मगर वे उनके लिए एक फिल्म बना कर अलग हो गईं। वार्नर ब्रदर्स के साथ उनकी पहली और आखरी फिल्म थी, ‘द नाइट फुल ऑफ रेन’ (‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’)। इंग्लिश भाषा की यह उनकी पहली थी।
हालांकि फिल्म 28 वें बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में गई, वहां उन्हें गोल्डन बेयर का नामांकन भी मिला। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर सफल न हो सकी। सफल न होने के कारण वार्नर ब्रदर्स ने उनका करारनामा रद्द कर दिया। लीना भी खुश नहीं थीं, वहां काम करके। स्टडियो से उनके सृजनात्मक मतभेद थे, वे सृजनात्मक स्वतंत्रता चाहती थीं।
‘दि एंड ऑफ द वर्ल्ड इन अवर यूजुअल बेड ऑन ए नाइट फुल ऑफ रेन’ (‘ए नाइट फुल ऑफ रेन’ नाम से प्रचलित) फिल्म में एक कम्युनिस्ट पत्रकार एवं एक अमेरिकन लिबरल फोटोग्राफर आपस में प्रेम तथा जीवन को लेकर अपने भिन्न विचारों के कारण बहस करते हैं।
लीना की अन्य फिल्मों की तरह यहां भी राजनीति का बोलबाला है। कुल 33 फिल्मों का निर्देशन एवं 38 फिल्मों का लेखन उनके नाम पर दर्ज है।
‘समर नाइट’ (‘समर नाइट विद ग्रीक प्रोफाइल, आमंड आईज एंड सेन्ट बएसिल’), ‘फेर्नांडो एंड कैरोलेना’, ‘लव एंड अनार्की’ तथा ‘ऑल स्क्रूड अप’ उनकी कुछ अन्य प्रसिद्ध फिल्मों के नाम हैं। उन्हें दो बार ऑस्कर का नामांकन (1977 में ‘सेवन ब्यूटीज’ तथा इसी फिल्म के लिए स्क्रीनप्ले हेतु) मिला और 92 साल की उम्र में, 2020 अंतत: में उन्हें ऑनरेरी ऑस्कर प्राप्त हुआ।
बचपन से नृत्य-गान में प्रवीण लीना वर्टम्यूलर की फिल्में सामाजिक अन्याय, लैंगिक भूमिका और जीवन की विडम्बनाओं के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उन्होंने 2004 में अपनी अंतिम फिल्म निर्देशित की थी, फिल्म का नाम है, ‘टू मच रोमांस...इट्स टाइम फॉर स्टफ्ड पेपर्स’ (एक बार फिर लंबा टाइटिल)।
ऑस्कर प्राप्ति के एक साल बाद 9 दिसम्बर 2021 को 93 साल की पकी उमर में रोम में इटैलियन सिनेमा की यह आख्यायिका लीना वर्टम्यूलर गुजर गईं।
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