विश्व सिनेमा और न्यूजीलैंड में बनी फिल्में
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न्यूजीलैंड फिल्म उद्योग पर नजर
न्यूजीलैंड फिल्म उद्योग काफ़ी विकसित है, यहां फिल्म निर्माण एवं पोस्ट प्रोडक्शन की काफी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जेन कैम्पेन के अलावा पीटर जैक्सन, मर्टिन कैम्पबेल, ली टामाहोरी, पीटर जैक्सन की साथी फ़्रान वाल्श, एंड्रू एडमसन, निक्की कारो आदि अन्य कई विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक भी न्यूजीलैंड से आते हैं।
साथ ही सैम नील, रसल क्रो, क्लिफ़ कर्टिस, कैश कैसल-हग्स (‘व्हेल राइडर’, ‘पीस ऑफ़ माई हार्ट’, ‘ए हेवनली विलेज’ आदि), मेलिनी लिन्स्की (‘हेवनली क्रीचर्स’, ‘विन विन’, ‘स्वीट होम अलाबामा’ आदि), एलन डेल (‘दि एक्स फ़ाइल्स’, ‘वन्स अपॉन ए टाइम’, ‘इंडियाना जोन्स’, ‘द गर्ल विथ द ड्रैगन टैटू’ आदि), कार्ल अर्बन (‘व्हाइट फ़ैंग’, ‘स्टार ट्रैक’, ‘द लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स’ आदि), रोज मैकआइवर (‘द पियानो’, ‘द लवली बोन्स’, ‘डेफ़ोडिल्स’ आदि), ब्रूक विलियम्स (‘स्पार्टकस’, ‘12 मन्कीज’ आदि) आदि न्यूजीलैंड के कुछ प्रसिद्ध सिने अभिनेता एवं अभिनेत्री हैं।
कुछ अभी यहीं रह रहे हैं, कुछ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका आदि देशों में बस गए हैं।
मूल निवासी माउरी पर विटि इहीमीरा तथा पैट्रिशिया ग्रेस जैसे रचनाकारों ने साहित्य रचा है। इन्होंने माउरी संस्कृति को साहित्य में अमर कर दिया है। विटि इहीमारा के उपन्यास ‘व्हेल राइडर’ पर इसी नाम से निकी कारो ने 2000 में फिल्म बनाई। यहां एक छोटी लड़की पाइकिया या पाई के पास शाश्वत एवं सटीक सहज ज्ञान है। वह वो आवाजें सुनती है जिसे कोई अन्य नहीं सुन पाता है, अस्तित्व की दुनिया से उसे संदेश मिलते हैं, जिन्हें केवल वह जानती है। वह पैदाइशी लीडर है।
दर्शक एक छोटी बच्ची को विशाल व्हेल की पीठ पर देखता है। माउरी परम्परागत पोशाक, माउरी मंत्र आदि देखता है। माउरी प्रमुख प्रतीक व्हेलदंत देखता है। निकी कारो के बारे में विटी इहीमीरा का कहना है, ‘निकी ने गजब का रूपांतरण किया है, उसने इसे अधुनातन बना दिया है। किइसा कैसल-हग्स के अभिनय, लीसा जेराल्ड के संगीत, लिओन नेरबाई की फ़ोटोग्राफ़ी, माउरी शब्दों के निरंतर प्रयोग केलिए इस फिल्म को देखा जाना चाहिए।
निकी कारो ने ही बायोपिक ‘द ज़ू कीपर्स वाइफ़’ (2017) बनाई है और एक सशक्त स्त्री को परदे पर उकेरा है। हैरी ग्रेगसन-विलियम्स का संगीत तथा एंड्रिज पारेख का कैमरा ‘द ज़ूकीपर्स वाइफ़’ फिल्म को विशिष्ट बनाता है। निकी कारो की रेंज दिखाती दोनों भिन्न मिजाज की फिल्में हैं। एक ओर न्यूजीलैंड की परिकथा-कहानी ‘व्हेल राइडर’ दूसरी ओर ‘द ज़ूकीपर्स वाइफ़’ जैसी ठोस और ब्लीक फिल्म। दोनों के केंद्र में सशक्त किशोरी/स्त्री है।
अनोखी, तीन ऑस्कर से नवाजी फिल्म ‘द पियानो’ में निर्देशिका जेन कैम्पियन ने पियानो को मुख्य किरदार के रूप में प्रदर्शित किया है, साथ ही उन्होंने 19वीं सदी के न्यूजीलैंड को साकार कर दिया है। गहन निहितार्थ की यह नारीवादी फिल्म उस युग के बहुत सारे मुद्दे उठाती है, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
माइकेल निमैन के संगीत तथा स्टुअर्ट ड्राईबर्ग का कैमरा, लोकेशन, फिल्म की थीम, लाजवाब अभिनय, पर्यावरण, संस्कृतियों की टकराहट और भी बहुत कुछ है इस फिल्म में।
उपरोक्त फिल्मों के अलावा ‘गुडबॉय पोर्क पी’, ‘वन्स वेयर वारियर्स’, ‘बैड टेस्ट’, ‘मीट द फ़ीबल्स’, ‘टॉपलेस वीमेन टॉक अबाउट देयर लाइव्स’,‘हेवनली क्रीचर्स’, ‘डेड अलाइव’, ‘द क्वाइट अर्थ’ तथा ‘ब्लैक शीप’ न्यूजीलैंड की कुछ अन्य फिल्में हैं।
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