हैरिसन फोर्ड की फिल्में
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फिल्म ‘इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम’
इसके चार साल बाद आती है उनकी फिल्म ‘इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम’। भारतीय दर्शकों को यह जान कर खुशी होगी कि स्टिवन स्पीलबर्ग द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कई भारतीय अभिनेता भी शामिल हैं। यहां रोशन सेठ, अमरीशपुरी (मोला राम), धर्मदास कुरुप हैं साथ ही एक श्रीलंका का अभिनेता डी.आर. नानायकरा भी यहां नजर आता है।
फिल्मों में अपना स्टंट स्वयं करने वाले इस अभिनेता की पूर्व पत्नी मेलिसा मैथिसन ने ई. टी. दि एक्सट्रा-टेरेस्टियल का स्क्रीनप्ले लिखा था। मेलिसा से उन्होंने 1983 में शादी की थी, इनके दो बच्चे हैं, दोनों का 2004 में विच्छेद हो गया। इसके पहले उन्होंने 1964 में मेरी मैर्क्यार्ड से शादी की थी, इन दोनों के भी दो बच्चे हैं और इनका 1979 में तलाक हो गया था। आजकल यानी 2010 से कैलिस्टा फ्लोखार्ट हैरिसन फोर्ड की पत्नी हैं और इनका एक बच्चा है।
हैरिसन को अपनी फिल्म ‘द मस्किटो कोस्ट’ बहुत अच्छी लगती है। अब वे पहले से काफी दयालु और नम्र हो गए हैं। मगर अपने देश की नीतियों से अपना मतभेद दिखाने में कोई कोताही नहीं करते हैं। वियतनाम युद्ध के प्रति उनके बड़े कठोर विचार थे। एक बार मौका आया, जब उन्हें सेना में जाना था। उन्हें शारीरिक परीक्षण के लिए बुलावा आया और यह तय था कि वे इसमें सफल रहते और सेना में चुन लिए जाते। उनके पास दो विकल्प थे या तो वे परीक्षण के लिए जाएं अथवा अपनी आपत्ति जताएं। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना।
अमेरिकन फिल्मों से संतुष्ट नहीं
अमेरिकन विदेश नीति उन्हें बहुत बेचैन करती है, उन्हें लगता है कि इसके लिए कुछ किया जाना चाहिए। अमेरिकन फिल्म को लेकर भी वे संतुष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार आज वहां बहुत सारी फिल्में वीडियो गेम्स की तरह बनती हैं, जबकि फिल्मों को मनुष्य के जीवन तथा संबंधों की कहानी कहनी चाहिए। आज वहां ज्यादातर फिल्में 12-20 साल के बच्चों के लिए बनती हैं।
अधिकतर जॉर्ज लुकस तथा स्टिवन स्पिलबर्ग के साथ काम करने वाले हैरिसन कम-से-कम रिहर्सल करते हैं लेकिन अपने अभिनय का प्रभाव डालते हैं। खुद स्टंट करने का नतीजा हुआ, फिल्म ‘द फुजिटिव’ के स्पेशल ट्रेलर के फिल्मांकन के दौरान उनके घुटने का लिग्मेंट फट गया। उन्होंने जब अभिनय प्रारंभ किया वे सोचते थे कि वे चरित्र अभिनेता बनेंगे और उन्हें मुख्य भूमिका कभी नहीं मिलेगी।
वे सोचते थे कि मुख्य भूमिका उन्हीं लोगों को मिलती है जो देखने में अच्छे होते हैं और जिनके पास प्रतिभा होती है। अक्सर बुद्धिमान लोग खुद को कमतर आंकते हैं।
‘हैरिसन फोर्ड: हॉलीवुड हीरो’ उनकी अधुनातम फिल्म है।
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