विश्व सिनेमा का इतिहास, क्यूबा सिनेमा
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एक समय निर्देशक मैनुअल ऑक्टाविओ गोम्ज ने ‘द फ़र्स्ट चार्ज ऑफ़ मैचेट’ एवं ‘द डेज ऑफ़ वाटर’ जैसी फ़िल्में बनाई थीं। फ़र्नांडो परेज एक और ऐसे ही निर्देशक हैं, उन्होंने 1987 में ‘क्लेडेन्स्टीनो’ बनाई। आज क्यूबा में नवीनतम तकनीक उपलब्धियों के साथ बेहतरीन फ़ीचर फ़िल्में तथा डॉक्यूमेंट्री बनती हैं।
म्युजिकल-रोमांस ‘चीको एंड रीटा’
2010 में बनी ‘चीको एंड रीटा’ एक म्युजिकल-रोमांस, एनीमेशन फ़िल्म है। हवाना के चीको पियानोवादक के सपने बड़े हैं, ऐसे ही सपने पाले हुई आकर्षक स्वर की मालकिन गायिका रीटा है। डेढ़ घंटे में संगीत और सपनों का तथा एक-दूसरे का पीछा करते हुए ये न्यूयॉर्क, पेरिस, हॉलीवुड, लास वेगास आते-जाते हैं। 47 साल इंतजार के बाद उनका मिलन होता है।
रीटा एक मोटेल में सफ़ाई कर्मचारी का जीवन बिता रही है। क्यूबा के प्रसिद्ध पियानोवादक और पांच बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतने वाले बेबो वाल्डेस का ओरिजन साउंडट्रैक इस फ़िल्म को विशिष्ट बनाता है। फ़िल्म जाज संगीत तथा क्यूबा के इतिहास के एक कालखंड को साकार करती है। ‘चीको एंड रीटा’ ने 2012 में सर्वोत्तम एनीमेशन फ़िल्म का ऑस्कर नामांकन पाया।
‘क्यूबा लिब्रे’ में जिस समय फ़िडेल कास्त्रो प्रथम चुनाव की घोषणा कर रहे हैं उसी समय एक अति उग्रवादी समूह मैड्रिड की क्यूबा एम्बसी में घुस जाता है। इससे उग्रवादियों पुलिस का निशाना बनते हैं। सारी बात एक रिपोर्टर के माध्यम से दिखाई गई है। ‘कास्त्रो’स रिवोलुशन वर्सेस द वर्ल्ड’ (2019) फ़िडेल कास्त्रो और क्यूबा के कम्युनिस्ट आंदोलन के विषय में बायोपिक तथा डॉक्युमेंट्री है।
चे ग्वेरा पर बनी फ़िल्में
दुनिया के युवाओं के चहेते और भारत के दीवाने चे ग्वेरा पर कई फ़िल्में बनी हैं। 1969 में ‘चे’ रिचर्ड फ़्लेइस्चर की इस फ़िल्म में क्यूबा के आंदोलन को फ़्लैशबैक में दिखाया गया है, चे डॉक्टर से राजनेता बन कास्त्रो के लिए प्रचार करते हैं। 2005 की ‘चे ग्वेरा’ इतिहासिक बायोपिक है। 102 मिनट में पीढ़ी-दर-पीढ़ी युवाओं को प्रेरित करने वाले विद्रोही, हीरो, प्रेमी, प्रसिद्ध चे ग्वेरा के जीवन को परदे पर उकेरा गया है। वे गरीबों तथा दमित जनता के मसीहा थे।
निर्देशक जोस इवान ने अभिनेता एडुराडो नोरिएगा को चे के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसने चे ग्वेरा की बेचैनी, साहस, निर्भीकता, आंदोलन को उनकी सहायता करने को पूरी तरह साकार कर दिया है। एक ऐसा आंदोलन जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। चे ग्वेरा पर बनी तीसरी फ़िल्म ‘द मोटरसाइकिल डायरीज’ (2004) से सिने-दर्शक भली-भांति परिचित हैं।
126 मिनट की इस बायोपिक-एडवेंचर फ़िल्म में निर्देशक वॉल्टर सैलेस जवानी में चे ग्वेरा की मोटरसाइकिल यात्रा को परदे पर उतारते हैं। इस यात्रा ने दुनिया भर के युवाओं को चे का दीवाना बना दिया था। उनकी यह जीवन शैली युवाओं का आदर्श बन गई थी। यह फ़िल्म आज भी देखी और सराही जाती है।
‘द क्यूबा लिब्रे स्टोरी’, ‘हवाना डायरीज’, ‘द राफ़्ट: ला बाल्सा’, ‘फ़ोन्ड मेमोरीज ऑफ़ क्यूबा’, ‘बिफ़ोर नाइट फ़ॉल्स’, ‘पापा हेमिग्वे इन क्यूबा’, ‘द लेजेंड’ आदि इस सदी में क्यूबा से जुड़ी अन्य प्रसिद्ध फ़िल्में हैं।
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