1975 की फिल्म ‘द ट्रेवलिंग प्लेयर्स’
- फोटो : Twitter
1975 की ‘द ट्रेवलिंग प्लेयर्स’ घुमक्कड़ अभिनेताओं के एक दल की नजरों से ग्रीस का इतिहास दिखाती है। ‘वोयज टू कीथिरा’ एंग्लोपौलोस निर्देशित फिल्म एक उम्रदराज यूनानी के जीवन को दिखाती है। गृहयुद्ध के समय उसे प्रवासी होना पड़ा था अब वह अपने देश लौटा है मगर देश का जीवन अब वही नहीं रह गया है।
‘लैंडस्केप इन द मिस्ट’ में दो बच्चे सड़क के रास्ते जर्मनी जा रहे हैं, वे उस आदमी की खोज में हैं जिसे वे अपना पिता मानते हैं। 1983 में 110 मिनट की बायोपिक ‘रेम्बेटिको’ गायकों, संगीतज्ञों की कहानी है यह ब्लूज का ग्रीक संस्करण था। इस म्युजिकल फिल्म के निर्देशक थे कोस्टास फेरिस और पूरी कहानी एक युवा गायिका की नजर से दिखाई गई है। सोटिरिआ लियोनार्डौ ने प्रमुख भूमिका की है, साथ में हैं मिकालिस मैनिआटिस, थेमिस बैजाका आदि। थियोडोरोस एंग्लोपौलोस की 1988 की इस फिल्म में मैलिस जेके, तानिया, एवा आदि ने अभिनय किया है।
यूरोप का नया हॉलीवुड
आज ग्रीस को यूरोप के नए हॉलीवुड का दर्जा हासिल है। दुनिया भर के सिने-निर्देशक यहां खिंचे चले आते हैं। यहां की फिल्में और यहां के अभिनेता सिने-विश्व में प्रसिद्ध हैं। आइए इस सदी में ग्रीस की कुछ फिल्मों का जायजा लें।
योर्गोस लैंथीमोस इस समय यूनान का एक प्रसिद्ध निर्देशक है। आजकल वहां नई तरह की फिल्में बन रही हैं जिन्हें ग्रीक वीयर्ड वेव का नाम दिया गया है। योर्गोस लैंथीमोस की फिल्में इसी श्रेणी में आती हैं। उसकी फिल्म ‘डॉगटूथ’ (2009) से वीयर्ड वेव का प्रारंभ माना जाता है। यह फिल्म एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, परिवार एक टापू में फंस गया है, टापू दुनिया से कटा हुआ है अत: वहां तमाम भयंकर घटनाएं होती हैं। इसी साल फिलिपोज सिटोज ने अपनी फिल्म ‘प्लेटो’स एकडमी’ में राष्ट्रवाद तथा बहुसंस्कृतिवाद के संघर्ष को चित्रित किया।
निकोस ग्रामाटिकोस ने ‘द किंग’ नाम से 2002 में एक फिल्म बनाई इसमें एक पियक्कड़ को अपने ग्रैंडफादर के गांव के भहराते घर में नवजीवन मिलता है लेकिन यह सब इतना सरल नहीं है। इस ग्रामीण समुदाय के अपने अलिखित नियम हैं और उसे उनका पालन करना है जो इतना आसान नहीं है। 130 मिनट की इस फिल्म में वेन्जलिस मौरिकिस, मैरिलिटा, मिनास आदि ने अभिनय किया है।
1893-1972 के बीच ग्रीस का एक महान गीतकार हुआ, उसका नाम था एफ्तिसिआ पापागिअनोपौलौ। उसी की जीवनी पर एंजेलोस फ्रैन्ट्जि ने 2019 में 123 मिनट की ड्रामा-म्युजिकल फिल्म बनाई। यह बायोपिक खूब सफल रही। पिछले साल 2022 में ‘ब्लैक स्टोन’ नाम से एक कॉमेडी आई।
एक डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली टीम एक खोए हुए सिविल सर्वेंट पर काम कर रही है क्योंकि इस सिविल सर्वेंट पर धोखाधड़ी का इल्जाम है। टीम हरौला (एलेनी कोकिडाऊ) नाम की एक ऐसी परेशान मां से टकराती है जो ओवरप्रोटेक्टिव है और अपने बेटे को खोज रही है। सिविल सर्वेंट बेटा पैनोस डोलोग्लौ दो दिन से घर नहीं आया है, उसकी 68 साल की मां चिंता से बीमार हो गई है। उसका बड़ा बेटा लेफ्टेरीज व्हीलचेयर पर है। खोज की पूरी कहानी हास्य से भरपूर है। यह निर्देशक स्पिरोस अजिकविडेस की पहली फिल्म है और इसने कई पुरस्कार बटोरे।
ग्रीक सिनेमा दिन-पर-दिन बेहतर होता जा रहा है।
----------------------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।