GST की नई दरों का खेती के सामान पर क्या असर पड़ा है?
- फोटो : Adobe Stock
सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत कम होगी। यह कदम न केवल लाखों रोजगार सृजित करेगा, बल्कि ‘राष्ट्र-निर्माण’ के मिशन को गति देगा। इसी तरह, छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर जीएसटी में कटौती ने इन्हें पहली बार खरीदने वालों, खासकर युवाओं, के लिए किफायती बनाया है। इससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मांग बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह पीएम मोदी के ‘युवा सशक्तिकरण’ के दृष्टिकोण का एक और उदाहरण है।
कपड़ा और उर्वरक उद्योगों में उलट कर्तव्य संरचना (Inverted Duty Structure) को ठीक करने से इन क्षेत्रों को नई गति मिली है। यह कदम इन उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगा और वैश्विक बाजार में उनकी स्थिति को मजबूत करेगा। साथ ही, जीएसटी सरलीकरण ने लॉजिस्टिक्स लागत को कम किया है, जिससे भारतीय सामान वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि ये सुधार जीडीपी में 1-1.2% की वृद्धि और मुद्रास्फीति में 1% से अधिक की कमी लाएंगे।
जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल: पारदर्शिता और विश्वास
केन्द्र की सरकार दिसंबर 2025 तक जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ट्रिब्यूनल विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा, जिससे कारोबारियों और नागरिकों के लिए पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनेगा। यह पुरानी सरकारों के तहत होने वाले उत्पीड़न को समाप्त करेगा।
जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है, भारत 7.8% की वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। जीएसटी सुधार 2.0 इस प्रगति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे सरकार के प्रमुख मिशनों के साथ तालमेल में है। लागत को कम करने और लालफीताशाही को खत्म करने के माध्यम से, पीएम मोदी ने साबित किया है कि सुधार केवल नारे नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम देने वाली कार्रवाइयां हैं।
जीएसटी सुधार 2.0 केवल कर प्रणाली में बदलाव नहीं, बल्कि भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का एक मजबूत आधार है। यह सुधार हर नागरिक को राहत, हर उद्योग को प्रोत्साहन और भारत को वैश्विक आर्थिक मंच पर नई पहचान दे रहा है। सरकार की यह साहसिक पहल आम आदमी, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को सशक्त बनाकर भारत की आर्थिक प्रगति को नया आयाम दे रही है। यह कदम पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
---------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।