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दूसरा पहलू:  कैसे मछलियों के पंखों से इन्सानी उंगलियां बनीं

Mon, 29 Dec 2025 07:31 AM IST
शिवम गर्ग कॉर्ल जिमर

सार

करीब 36 करोड़ साल पहले मछली जैसे हमारे पूर्वज पानी से निकलकर जमीन पर आ गए। इस दौरान उनके मीनपंख पैरों में बदल गए।
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मछली
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विस्तार
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लगभग 36 करोड़ साल पहले, मछली जैसे हमारे पूर्वज पानी से निकलकर जमीन पर आ गए। इस दौरान उनके मीनपंख (फिन्स) धीरे-धीरे पैरों में बदल गए, जिनमें उंगलियां थीं। लंबे समय बाद, सामने वाले पैरों का जोड़ा हाथों में बदल गया। इस बदलाव को समझने के लिए, वैज्ञानिकों ने कई वर्षों तक लुप्त हो चुकी मछलियों के जीवाश्मों को देखा। उन्होंने आज की मछलियों व जमीन पर रहने वाले रीढ़ वाले जीवों के भ्रूणों की भी तुलना की कि उनके फिन्स और पैर कैसे बनते हैं। क्रिस्पर (सीआरआईएसपीआर) नामक एक सटीक डीएनए एडिटिंग तकनीक वैज्ञानिकों को इस पुराने विकासवादी बदलाव को समझने में मदद कर रही है। पता चला है कि हाथ और पैर नहीं बने, क्योंकि नए जीन आ गए, प्राकृतिक रूप से पुराने जीन्स की पुरानी निर्देशिकाओं ने नए संयोजन बनाए, और उसी से हाथ-पैर बने। पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता ऑरेली हिंटरमैन ने शोध किया कि विकसित होते भ्रूण में जीन कैसे काम करते हैं। उन्होंने पाया कि भ्रूण बनना एक निषेचित अंडे से शुरू होता है, जिसमें जीन का एक सेट होता है, जो नई कोशिकाओं में बंटता जाता है। कोशिकाएं इन जीनों के जरिये खास उत्तक और अंग बना पाती हैं। वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे डीएनए खोजे हैं, जो भ्रूणों को हाथ और पैर बनाने में मदद करते हैं।

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 2011 में, जिनेवा यूनिवर्सिटी के जीवविज्ञानी डेनिस डुबूल ने 5डीओएम नाम के डीएनए में छह आणविक जीन्स ढूंढे। जब चूहे के भ्रूण के डीएनए से 5डीओएम को हटाया गया, तो भ्रूण के पैर तो बने, पर पंजे नहीं बन पाए। इसका कारण पता करने के लिए क्रिस्टोफर बोल्ट ने जेब्राफिश के जीनोम में खोज की। उन्होंने पाया कि जेब्राफिश में भी 5डीओएम मौजूद था। अगर आज भी जेब्राफिश में 5डीओएम सुरक्षित है, तो यह उनके भ्रूण में कोई न कोई काम जरूर करता होगा। डॉ. हिंटरमैन ने ऐसे जेब्राफिश भ्रूण बनाए, जिनमें क्रिस्पर को हटा दिया गया था। उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि विकसित हो रहे पंखों पर इसका बहुत कम असर पड़ा। पर इससे जेब्राफिश की पूंछ के निचले हिस्से में गड़बड़ी आ गई। इससे वैज्ञानिकों को उंगलियों के विकसित होने के बारे में एक नई सोच मिली। शुरुआती मछली के भ्रूण ने शरीर के अलग-अलग हिस्से बनाने के लिए अलग-अलग जीन का इस्तेमाल किया। यह आनुवंशिक गतिविधि कई अरब वर्षों तक वैसी ही रही। करीब 36 करोड़ साल पहले 5डीओएम में एक विकासवादी बदलाव हुआ। अब 5डीओएम हाथ व पैर की उंगलियां बनाने में भी मदद करने लगा। जीवविज्ञानी नील शुबिन ने कहा कि वे सटीक विकासवादी बदलाव, जिनकी वजह से 5डीओएम को यह नया काम मिला, अब भी एक रहस्य है। उन्होंने कहा कि इसे समझने के लिए हमें अभी और काम करना होगा। ©The New York Times 2025  

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