भारत में रोमांचकारी पर्यटकों की भीड़ को खींचने के लिए सब कुछ है। साहसिक पर्यटन आज देश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के रूप में सामने आया है। जब भी भारत में कहीं भी इनके आयोजन किए जाते हैं, बड़ी संख्या में पर्यटक भाग लेने के लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि साहसिक खेल देश के अनेक स्थानों पर प्रचलित होने से पर्यटन का दायरा बढ़ गया है और पर्यटक अपनी पसंद से अलग-अलग पर्यटन स्थल को अपनी यात्रा के लिए चुन सकते हैं।
रोमांचक और साहसिक स्थलों की चर्चा करें तो देश का संपूर्ण पर्यटन रोमांचित करता है। यहां हमने साहसिक गतिविधियों के संदर्भ में पहाड़ों, नदियों, झीलों, समुद्रों और रेगिस्तान को विशेष केंद्र बिंदु बनाया है। ये सब ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो रोमांच के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों से भरपूर हैं। ये क्षेत्र आज खेल पर्यटन का पर्याय बन कर उभरे हैं।
पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, हाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, स्कीइंग, नदी वॉटर राफ्टिंग, स्केटबोर्डिंग या वॉटर स्कीइंग, पैरा पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग, बंजी जंपिंग, स्कूबा डाइविंग या गोताखोरी आदि ऐसी साहसिक गतिविधियां है, जिन्हें पर्यटक बहुत पसंद करते हैं। इनकी वजह से साहसिक पर्यटन ने पर्यटकों का नया वर्ग विकसित कर दिया है।
देश में प्राकृतिक धरोहर के सम्मिश्रण का लुत्फ पूरे वर्ष लिया जा सकता है। ये पर्वतक्षेत्र, नदी तंत्र, जैव आरक्षित क्षेत्र, वन्य जीव अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान हैं। विश्व में हिमालय सबसे नवीन पर्वत श्रृंखला है और इसका 73 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही है, जबकि अरावली सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणियों में से है।
भारत के प्रमुख नदी तंत्रों में सिंधु नदी तंत्र, ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (3969 किमी) और गंगा नदी तंत्र (2704 किमी) है। देश में 18 जैव आरक्षित क्षेत्र हैं। इसके अलावा 551 वन्य जीव अभ्यारण्य हैं, जो भारत के 3.64 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और राष्ट्रीय उद्यान देश के कुल क्षेत्र का 1.23 प्रतिशत हिस्सा शामिल करते हैं।
रेगिस्तान जैसे सफेद नमक वाला कच्छ का रण (2898 वर्गमील), थार का रेगिस्तान (66000 वर्गमील) में साहसिक पर्यटन के प्रचुर अवसर मौजूद हैं। भारत के ठंडे हिमालयी रेगिस्तान के रूप में विख्यात लद्दाख क्षेत्र भी में अनेक साहसिक गतिविधियां होती हैं।
केरल में नहरों, 38 नदियों और 5 विशाल झीलों का 1500 किमी लंबा क्षेत्र है। भारत में सुंदर वनों के क्षेत्र में आने वाला कुल क्षेत्र 4921 वर्ग.किमी. है। हिमालय की सबसे बड़ी झील पागौंगत्सो (4238 मी) है और सिक्किम में गुरूडोंगमर झील सबसे अधिक ऊंचाई (5148 मी) पर स्थित है। देश के द्वीप समूह भी साहसिक खेलों के लिए विख्यात हैं।
भारत के उत्तर और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के हिमालयी क्षेत्र, पश्चिमी और पूर्वी घाटियां दक्षिण, दक्षिण पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी हिस्सें पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, स्कीइंग और चट्टानों पर चढ़ाई के लिए सर्वोत्तम गंतव्यों में से मनाने जाते हैं। राफ्टिंग और पानी में गोताखोरी जैसे खेलों के लिए उत्तर, पश्चिम और दक्षिण की नदियां लोकप्रिय हैं।
यही नहीं, पूर्वी तटीय क्षेत्रों और समुद्री क्षेत्रों में पानी से जुड़े कई रोमांचकारी खेल पर्यटक पसंद करते हैं, जिनके लिए वो इन क्षेत्रों की यात्रा करते हैं। सार रूप में कहें तो पूरा भारत लगभग हर प्रकार के साहसिक खेल लिए हुए है, जो पर्यटक की यात्रा को नया रोमांच प्रदान करने की पूरी शक्ति रखता है।
एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( एटी ओ ए आई) देश में साहसिक खेलों का आयोजन कर इन्हें प्रोत्साहित करने में निरंतर सक्रिय हैं। इस संस्था ने थल,वायु और जल पर आधारित गतिविधियों को चिन्हित किया है।
भूमि आधारित साहसिक गतिविधियां
देश के सभी समस्त क्षेत्रों में साइकिलिंग, मोटर साइकिल यात्रा, जीप सफारी,ऊंट सफारी, घोड़ा सफारी, हाथी सफारी, पर्वतारोहण, कृत्रिम दीवार पर चढ़ना, बंजी जंपिंग, पर्वतारोहण, रेत के धोरों पर बास्किंग , बर्फ पर स्कीइंग या स्नो बोर्डिंग, वन्यजीव सफारी, प्रकृति भ्रमण, बर्ड वाचिंग, जिप वायर एवं हाईरोप कोर्स आदि को शामिल किया गया है।
वायु आधारित गतिविधियां
पर्यटन में हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग अथवा हैंड ग्लाइडिंग, पैरा मोटरिंग, पैरासेलिंग, स्की डाइविंग, एयर सफारी, काइट बोर्डिंग शामिल हैं।
पानी आधारित गतिविधियां
साहसिक पर्यटन में पानी पर आधारित कयाकिंग एवं समुद्री कयाकिंग, राफ्टिंग, रिवर क्रूज़िनिग, स्कूबा डाइविंग एवं स्नोर्केलिंग आदि को शामिल किया गया है।
इन साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए जहां साहस और निडरता होना जरूरी है, वहीं कुछ खेलों में प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है। इसके लिए संबंधित खेल केंद्रों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। कुछ खेलों में साथ में गाइड भी होना जरूरी है। इन गतिविधियों के संचालक आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था रखते हैं और आपात स्थिति में बचाव की जानकारी भी देते हैं। पर्यटक के रूप में आपका आंनद कम नहीं हो, अतः इन गतिविधियों में भाग लेने से पूर्व टूर ऑपरेटर से बीमा की सुविधा भी प्राप्त की जानी जरूरी है।